सिंगापुर जा रहे विमान में केबिन क्रू के साथ अभद्रता करने पर 20 वर्षीय भारतीय नागरिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि युवक ने 28 फरवरी को उड़ान के दौरान 28 वर्षीय महिला केबिन क्रू सदस्य के साथ छेड़छाड़ की। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि चालक दल की सदस्य एक महिला यात्री को शौचालय ले जा रही था, तभी उसने फर्श पर टिशू पेपर का एक टुकड़ा देखा। जब वह उसे उठाने के लिए नीचे झुकी, तो 20 वर्षीय व्यक्ति कथित तौर पर उसके पीछे आ गया, उसे पकड़ लिया और अपने साथ शौचालय में धकेल दिया। महिला यात्री ने हस्तक्षेप किया और केबिन क्रू के सदस्य को तुरंत शौचालय से बाहर निकालने में मदद की। केबिन सुपरवाइजर की सूचना पर विमान के चांगी हवाई अड्डे पर उतरने के बाद हवाई अड्डा पुलिस प्रभाग के अधिकारियों ने युवक को गिरफ्तार कर लिया। एयरपोर्ट पुलिस डिवीजन के कमांडर सहायक आयुक्त एम. मालथी ने कहा कि हम ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हैं, क्योंकि केबिन क्रू प्रशिक्षित पेशेवर होते हैं, जो सभी यात्रियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए समर्पित होते हैं।
जर्मन इन्फलुएंसर की मौत
जर्मन ट्रैवल इन्फ्लुएंसर वैनेसा कोनोपका की लिवर खराब होने और निमोनिया के चलते मौत हो गई। उनके बॉयफ्रेंड ने फेसबुक पर उनकी मृत्यु की घोषणा की। फेसबुक पर लिखा गया कि कोनोपका को 31 दिसंबर को फिलीपींस में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह कमज़ोर हो गई थीं। खाने, चलने या आसानी से बोलने में असमर्थ थीं। उनके बॉयफ्रेंड फर्नांडो ने एक गोफंडमी पेज बनाया था, ताकि उन्हें वापस जर्मनी ले जाने के लिए मेडिकल एयर एंबुलेंस के लिए 227,000 डॉलर से अधिक राशि जुटाई जा सके। फर्नांडो ने लिखा कि वैनेसा का निधन हो गया। वह हमेशा आप सभी से जुड़ना पसंद करती थी और फिलीपींस के लिए उसका प्यार शब्दों से परे था। एक बार फिर मैं केवल आपकी प्रार्थनाओं के लिए कह सकता हूं ताकि भगवान उसके प्रियजनों के दिलों को सुकून दे। मुझे उस पर भरोसा है मुझे पता है कि वह वैनेसा के साथ है और मुझे पता है कि भगवान हमेशा हमारे साथ है। वैनेसा और उनके बॉयफ्रेंड फर्नांडो सोशल मीडिया पर लोकप्रिय ट्रैवल अकाउंट हैप्पीनेस क्रॉसिंग चलाते थे, जहां वे बोराके, फिलीपींस में रहने के अपने अनुभवों को साझा करते थे। अपनी मृत्यु से पहले कोनोपका कुछ समय के लिए सोशल मीडिया पर लौटी थीं और उनकी हालत में थोड़ा सुधार दिखा था।
सिंधु नहर परियोजना के खिलाफ सिंध में सड़कों पर जनता
पाकिस्तान में सिंधु नदी से छह नई नहरें खोदने के संघीय सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ राष्ट्रवादी दल, वकील, किसान, लेखक और नागरिक समाज के सदस्यों समेत करीब 50 हजार लोग पूरे सिंध प्रांत में विरोध प्रदर्शन और धरना दे रहे हैं। उनका दावा है कि सरकार राज्य के जल संसाधनों को बर्बाद करने का प्रयास कर रही है। इस प्रयास के खिलाफ सिंध प्रांत में जन आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है। खैरपुर में वकील लगातार तीन दिनों से धरना दे रहे हैं, जिससे पंजाब और सिंध के बीच यातायात जाम हो गया है।
द बलूचिस्तान पोस्ट (टीबीपी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 72 करोड़ डॉलर की यह नहर परियोजना ग्रीन पाकिस्तान प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चोलिस्तान रेगिस्तान में सैन्य-संचालित कृषि व्यवसाय के लिए कृषि भूमि बनाने के लिए सिंधु से पानी निकालना है। टीबीपी के अनुसार, विरोधियों का दावा है कि यह योजना सिंध के जल अधिकारों का उल्लंघन करती है और राज्य के कृषि उद्योग को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखती है। इसे लेकर सिंध के सभी शहरों में विरोध शिविर, शटडाउन हड़ताल और प्रदर्शन बढ़ गए हैं। राष्ट्रवादी समूहों ने रेल परिचालन भी रोक दिया है। यहां तक कि सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने परियोजना का विरोध कर गठबंधन छोड़ने की धमकी दी है।
टीबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी सिंधु बचाओ जागरूकता मार्च के हिस्से के रूप में हैदराबाद में इकट्ठे हुए और घोषणा की कि वे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक कि अनुमानित नहर परियोजना को पूरी तरह से छोड़ नहीं दिया जाता। एमक्यूएम के संस्थापक और नेता अल्ताफ हुसैन ने पहले सिंधु नदी से नई नहरों के विकास का कड़ा विरोध किया था और अब इस परियोजना को सिंध को पानी से वंचित करने और इसे शुष्क बनाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास बताया है।