नेपाल में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया है। काठमांडू में अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को चीन की सीमा से लगे नेपाल के कालापानी क्षेत्र में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। तत्काल किसी प्रकार के नुकसान या हताहत की कोई सूचना नहीं मिली है। वहीं राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, सुदूर पश्चिम प्रांत के दार्चुला जिले के उत्तर में स्थित कालापानी में भूकंप के झटके रात 9:24 बजे दर्ज किए गए। सोमवार को इसी प्रांत के बाजुरा जिले के मार्टाडी में शाम 6:58 बजे 3.6 तीव्रता का भूकंप आया था।
क्यूबा के पूर्व मंत्री फर्नांडीज को जासूसी के आरोप में उम्रकैद
क्यूबा के सुप्रीम पॉपुलर ट्रिब्यूनल ने पूर्व अर्थव्यवस्था मंत्री अलेजांद्रो गिल फर्नांडीज को जासूसी के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है। एक अलग मामले में उन्हें रिश्वत, फर्जी दस्तावेज और टैक्स चोरी के लिए 20 साल और मिले। 2018-2024 तक मंत्री रहे गिल राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कनेल के बेहद करीबी थे, लेकिन हटाए जाने के बाद उन पर गंभीर गलतियों का आरोप लगा। अदालत ने जासूसी के विवरण नहीं बताए।
श्रीलंका की मदद में आईएनएस घड़ियाल समेत चार जहाज तैनात
भारतीय नौसेना ने श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह से प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता और राहत पहुंचाने के लिए चल रहे ऑपरेशन सागर बंधु के तहत आईएनएस घड़ियाल और तीन अन्य जहाजों को तैनात किया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि घड़ियाल के साथ तीन एलसीयू (लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी) 7 दिसंबर की सुबह कोलंबो पहुंचे और श्रीलंका के अधिकारियों को महत्वपूर्ण राहत सामग्री सौंप दी। मानवीय सहायता मिशन जारी रखने के लिए आईएनएस घड़ियाल 8 दिसंबर को श्रीलंका पहुंच गया।
पाकिस्तान-इंडोनेशिया ने किए सात नए समझौतों पर हस्ताक्षर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियान्तो ने एक वार्ता के दौरान सात महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ये एमओयूएस उच्च शिक्षा, इंडोनेशियाई छात्रवृत्ति कार्यक्रम, छोटे और मध्यम उद्यमों के विकास, राष्ट्रीय अभिलेखागार, नशीली दवाओं की रोकथाम, हलाल व्यापार और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग से जुड़े हैं। सुबियान्तो का यह पाकिस्तान का पहला आधिकारिक दौरा है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में उथल-पुथल, दो सलाहकारों ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले इस्तीफा दिया
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के सलाहकार बने दो छात्र नेताओं ने फरवरी में होने वाले चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले बुधवार को पद से इस्तीफा दे दिया। महफूज आलम और आसिफ महमूद शोजिब भुइयां का इस्तीफा निर्वाचन आयोग के उस फैसले के बाद आया है जिसमें कहा गया है कि अंतरिम सरकार में पद पर रहते हुए कोई भी सलाहकार चुनाव नहीं लड़ सकता। प्रथोम अलो अखबार ने मुख्य सलाहकार के कार्यालय के सूत्रों के हवाले से अपनी खबर में बताया, आलम और भुइयां ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में सलाहकार के पदों से इस्तीफा दे दिया है।
आलम और भुइयां क्रमशः सूचना एवं प्रसारण और स्थानीय सरकार मंत्रालयों के प्रमुख थे। उन्हें ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ (एसएडी) के प्रतिनिधियों के रूप में अंतरिम सरकार में शामिल किया गया था। यह वही संगठन है जिसने व्यापक आंदोलन चलाया था और इसके चलते पांच अगस्त, 2024 को प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी और वह भारत आ गई थीं।
नेपाल: एयरपोर्ट घोटाले में पूर्व मंत्रियों समेत 55 पर केस
नेपाल की भ्रष्टाचार जांच आयोग ने पोखरा के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के निर्माण में भारी गड़बड़ी के आरोप में पूर्व मंत्रियों समेत 55 लोगों और एक चीनी निर्माण कंपनी पर मामला दर्ज किया है। आयोग के अनुसार, 2012 में तय बोली 169.6 मिलियन डॉलर (करीब 15 अरब 24 करोड़ भारतीय रुपया) थी, लेकिन अधिकारियों ने चीनी कंपनी की मिलीभगत से इसे बढ़ाकर करीब 21 अरब 92 करोड़ रुपया कर दिया, यानी 7.4 करोड़ डॉलर से ज्यादा की अनियमितता। यह मामला काठमांडो की विशेष अदालत में दाखिल किया गया।
रूस के विदेश मंत्री ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार को भारत की स्वतंत्र और बहुमुखी विदेश नीति की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत अपने फैसले खुद लेने वाला देश है और सभी वैश्विक देशों के साथ संतुलित रिश्ते बनाए रखता है। फेडरेशन काउंसिल (रूस की ऊपरी सदन) को संबोधित करते हुए लावरोव ने कहा दुनिया के कई देश बहु-आयामी विदेश नीति अपना रहे हैं और हमारा अच्छा दोस्त भारत इसका बेहतरीन उदाहरण है, जो सभी प्रमुख देशों से संबंध बनाए रखता है। लावरोव ने यह भी कहा कि रूस की विदेश नीति का मुख्य लक्ष्य अपने घरेलू विकास को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक सोच और उद्देश्यों में समानता दोबारा साबित हुई।
अमेरिका में अप्रवासी बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
अमेरिका में अप्रवासी बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। अमेरिकी इमीग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (आईसीई) ने कोर्ट में दायर एक दस्तावेज में माना है कि इस साल अगस्त-सितंबर के दौरान करीब 400 बच्चों को 20 दिन की कानूनी सीमा से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया। यह खुलासा उन वकीलों ने किया जो 1985 से चल रहे मामले की निगरानी कर रहे हैं। इसी मुकदमे से 1990 के दशक में फ्लोरेस सेटलमेंट एग्रीमेंट बना, जो बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सीमित अवधि की हिरासत अनिवार्य करता है।
वकीलों ने अदालत को बताया कि कई केंद्रों में अस्वच्छ हालात, चिकित्सा सेवा में देरी और होटल कमरों में तय सीमा से अधिक समय तक बच्चों को रखने की शिकायतें मिलीं। एक बच्चा आंख की चोट के बाद दो दिन तक डॉक्टर को नहीं दिखाया गया। एक और बच्चे का पैर स्टाफ की लापरवाही से टूट गया। भोजन में कीड़े मिलने तक की शिकायत दर्ज की गई। सरकार का कहना है कि रिलीज में देरी की वजह परिवहन, मेडिकल जरूरतें और कानूनी प्रक्रिया हैं, लेकिन वकीलों के मुताबिक ये कारण पर्याप्त नहीं। अदालत अगले हफ्ते सुनवाई करेगी और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप कर सकती है।
भारत से शेख हसीना की वापसी के लिए जारी रखेंगी कूटनीतिक कोशिशें : बांग्लादेश
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा है कि वह भारत में रह रहीं बर्खास्त पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस लाने के लिए अपने कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगी। हसीना कई मामलों में दोषी ठहराए जाने और सजा मिलने के बाद पिछले वर्ष 5 अगस्त को बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच देश छोड़कर भारत आ गई थीं। वह 78 वर्ष की हैं और अवामी लीग की वरिष्ठ नेता हैं। विदेश सलाहकार एमडी तौहीद हुसैन ने सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस से कहा, हम भारत को उन्हें ढाका वापस भेजने के लिए मनाने की कोशिश करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी वापसी अंततः भारत के निर्णय पर निर्भर करेगी। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर हाल ही में कह चुके हैं कि हसीना एक विशेष परिस्थिति में भारत आई हैं और वही परिस्थिति आगे की स्थिति को प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा था कि हसीना को अपनी दिशा स्वयं तय करनी होगी।
नेपाल चुनाव से पहले भारत का भरोसा- वरिष्ठ अधिकारी ने दिया पूरा सहयोग का आश्वासन
नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव से पहले भारत ने पड़ोसी देश को हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया है। भारत के विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुनु महावर ने काठमांडू में नेपाल के गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्याल से मुलाकात की और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। महावर चार दिन की नेपाल यात्रा पर हैं।
बैठक में उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए आवश्यक संसाधन, उपकरण और तकनीकी सहयोग भारत उपलब्ध कराएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि 2023 में आए भूकंप से प्रभावित जाजरकोट जिले के पुनर्निर्माण और हाल के प्राकृतिक हादसों में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली में भारत मदद जारी रखेगा।
आर्याल ने भारत को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने, सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान और सीमा पर चोरी-तस्करी जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण की जरूरत पर जोर दिया। महावर की यह यात्रा सितंबर में हुए जेन-जी आंदोलन के बाद किसी वरिष्ठ भारतीय अधिकारी की नेपाल की पहली यात्रा मानी जा रही है, जिसने ओली सरकार को सत्ता से हटने पर मजबूर किया था।
लिथुआनिया ने बेलारूस से आए गुब्बारों पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया
लिथुआनिया की सरकार ने मंगलवार को राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। वजह हैं हाल के हफ्तों में बेलारूस से उड़कर आए मौसम संबंधी गुब्बारे, जिन्हें लिथुआनिया अपनी हवाई सीमा का उल्लंघन और सुरक्षा खतरा मान रहा है। इन गुब्बारों की वजह से लिथुआनिया को बार-बार अपना मुख्य हवाई अड्डा बंद करना पड़ा, जिससे हजारों यात्री फंस गए। यूरोप पहले ही यूक्रेन युद्ध के दौरान नाटो देशों की हवाई सीमा में हुई घुसपैठ को लेकर अलर्ट पर है।
प्रधानमंत्री इंगा रुगीनीएने ने कहा kf बेलारूस की इस हाइब्रिड हमले की रणनीति से निपटने के लिए हमें सख्त कदम उठाने होंगे। आपातकाल के तहत सेना अब सीमा क्षेत्रों में पुलिस जैसी अन्य एजेंसियों के साथ गश्त कर सकेगी और संसद से अतिरिक्त अधिकार लेकर तलाशी या हिरासत जैसी कार्रवाई भी कर पाएगी। सरकार ने कहा कि आम नागरिकों पर इसका प्रभाव कम से कम होगा।
सम्मान समारोह में शामिल नहीं होंगी मारिया कोरिना मचाडो
नोबेल इंस्टीट्यूट के प्रमुख ने बताया कि इस साल के नोबेल शांति पुरस्कार की विजेता मारिया कोरीना मचाडो ओस्लो में होने वाले पुरस्कार समारोह में शामिल नहीं होंगी। मारिया कोरीना मचाडो वेनेज़ुएला की प्रमुख विपक्षी नेता हैं और अपने देश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए काम करती हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वेनेज़ुएला सरकार की पाबंदियों और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण मचाडो नॉर्वे की यात्रा नहीं कर पा रहीं।
नोबेल समिति ने कहा कि उनकी अनुपस्थिति के बावजूद, उन्हें दिया गया सम्मान उनके साहस और लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रति समर्पण को दर्शाता है। समिति ने उम्मीद जताई कि भविष्य में मचाडो व्यक्तिगत रूप से पुरस्कार ग्रहण कर सकेंगी। समारोह में उनकी जगह नोबेल समिति उनके योगदान और संघर्ष के बारे में जानकारी साझा करेगी।