ट्रंप के पहले कार्यकाल में काटसा के तहत लगे थे प्रतिबंध
अंकारा लंबे समय से इस परियोजना में फिर से शामिल होने की कोशिश करता रहा है। एर्दोआन ने कहा कि परियोजना से बाहर किए जाने से पहले तुर्किये ने 1.4 अरब डॉलर निवेश किए थे। इसके अगले साल अमेरिका ने तुर्किये पर काटसा के तहत प्रतिबंध भी लगा दिए थे।
बैरक सीरिया ट्रंप के विशेष दूत भी हैं। उन्होंने कहा कि तुर्किये की एफ-35 कार्यक्रम में फिर शामिल होने की इच्छा है और रूसी एस-400 प्रणाली रखने को लेकर भी बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि ट्रंप और एर्दोआन के सकारात्मक संबंधों ने सहयोग का नया माहौल बनाया है, जिससे लगभग एक दशक में सबसे सकारात्मक बातचीत हुई है।
उन्होंने कहा, हमारी उम्मीद है कि आने वाले महीनों में ये बातचीत ऐसा समाधान निकालेगी जो अमेरिका और तुर्किये दोनों की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करे।
एफ-35 विमान न मिलने के कारण तुर्किये अपनी वायुसेना को मजबूत करने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है, जिसमें यूरोफाइटर टाइफून और अमेरिकी एफ-16 शामिल हैं। तुर्किये अपना खुद का पांचवीं पीढ़ी का कान लड़ाकू विमान भी विकसित कर रहा है, जिसके 2028 तक सेवा में शामिल होने की उम्मीद है।
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सितंबर में व्हाइट हाउस में एर्दोआन से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया था कि अमेरिका जल्द ही तुर्किये को एफ-35 की बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटा सकता है। अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने एर्दोआन के साथ 'बहुत अच्छे संबंध' होने की बात कही थी।
ओबामा और बाइडन प्रशासन ने एर्दोआन से दूरी बनाकर रखी थी। अमेरिकी अधिकारियों ने तुर्किये के मानवाधिकार उल्लंघन के इतिहास और रूस के साथ उसके करीबी संबंधों को लेकर चिंताएं जताई थीं। तुर्किये और इस्राइल के बीच तनाव ने भी अमेरिका-तुर्किये संबंधों रिश्तों को कई बार मुश्किल बनाया। इस्राइल, अमेरिका का एक और अहम सहयोगी है।
ट्रंप, यूक्रेन और गाजा में युद्धों का समाधान खोजने के अपने प्रयासों में एर्दोआन को एक अहम मध्यस्थ के रूप में देखते हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने भी सीरिया की नई अंतरिम सरकार को लेकर एर्दोआन की पहल का समर्थन किया है।