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World Updates: इमरान खान-बुशरा को कोर्ट में चार अप्रैल को पेश करने के आदेश, चीन के दौरे पर श्रीलंका के पीएम

Mon, 25 Mar 2024 02:27 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

भारत की सुरक्षा चिंताओं के कारण कोलंबो द्वारा हंबनटोटा बंदरगाह पर चीनी अनुसंधान जहाजों को बार-बार यात्रा पर रोक लगाए जाने के बाद किसी श्रीलंकाई नेता की बीजिंग की यह पहली यात्रा है। 
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दुनिया की खबरें - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणावर्धने अपनी छह दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सोमवार को चीन पहुंचे। इस दौरान वह द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने को लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग के साथ बातचीत करेंगे।
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चीन की मीडिया के मुताबिक, गुणावर्धने के आगमन पर चीन के उप विदेश मंत्री एवं भारत में पूर्व राजदूत सन वेइदॉन्ग ने उनका स्वागत किया। गौरतलब है कि भारत की सुरक्षा चिंताओं के कारण कोलंबो द्वारा हंबनटोटा बंदरगाह पर चीनी अनुसंधान जहाजों को बार-बार यात्रा पर रोक लगाए जाने के बाद किसी श्रीलंकाई नेता की बीजिंग की यह पहली यात्रा है। उस समय कोलंबो के इस कदम पर चीन ने नाराजगी जाहिर की थी।

हालांकि, श्रीलंका ने इसी महीने की शुरुआत में कहा कि वह ऐसे जहाजों पर एक साल के प्रतिबंध के बावजूद अपने बंदरगाहों पर ईंधन भरने की अनुमति देगा।

इमरान खान-बुशरा को कोर्ट में चार अप्रैल को पेश करने के आदेश
पाकिस्तान की एक अदालत ने सोमवार को अधिकारियों को कई मामलों में जमानत की मांग करने वाली उनकी अपील की सुनवाई के दौरान जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को चार अप्रैल को पेश करने का आदेश दिया।

जिला और सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ताहिर अब्बास सिप्रा ने तोशाखाना तोहफों की रसीदों की जालसाजी के मामले में जमानत मांगने वाले जोड़े द्वारा दायर याचिका पर मामले की सुनवाई की, जबकि इमरान खान ने 9 मई की हिंसा मामले में भी जमानत लेने के लिए याचिका दायर की थी। यह आदेश तब जारी किया गया जब अदियाला जेल अधिकारी एक वीडियो लिंक के माध्यम से इमरान खान की मौजूदगी दर्ज कराने में विफल रहे, जिसके लिए पिछली सुनवाई में आदेश जारी किया गया था।

सिंगापुर में भारतीय मूल के व्यक्ति को कारावास की सजा
सिंगापुर में बस सेवाएं देने वाली एक कपंनी के भारतीय मूल के मालिक को बस की स्पीड़ से छेड़छाड़ मामले में आरोपी ठहराया गया है। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान 13 सप्ताह की जेल की सजा सुनाई है।  25 मार्च को धोखाधड़ी के दो मामलों में दोषी ठहराया और सड़क यातायात (मोटर वाहन, गति सीमा) नियमों के तहत एक अपराध भी स्वीकार किया। सुंदरम अदालत में निपटाए जाने वाले मामले में शामिल दूसरा व्यक्ति था। 

45 वर्षीय मैकेनिक टी वेई चाई, जिन्होंने बस के निरीक्षण से पहले गति अवरोधक को सक्रिय किया था और परीक्षण पूरा होने के बाद इसे निष्क्रिय कर दिया था, को धोखाधड़ी के तीन आरोपों में दोषी ठहराए जाने के बाद 22 मार्च को 21 सप्ताह की जेल की सजा सुनाई गई थी। सिंगापुर के सभी तीन लोगों पर दिसंबर 2022 में अदालत में आरोप लगाए गए।

आम चुनाव पर यूरोपीय संघ की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की PTI की मांग  
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने सोमवार को आठ फरवरी के आम चुनाव पर यूरोपीय संघ की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।  आठ फरवरी के आम चुनाव से पहले यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान यात्रा को याद करते हुए पीटीआई के प्रवक्ता रऊफ हसन ने कहा कि अंतर सरकारी निकाय ने देश के चुनावों पर अपनी रिपोर्ट पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) को सौंपने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ की रिपोर्ट बहुत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है।

पीटीआई प्रवक्ता की मांग तब आई है जब पार्टी ने आम चुनावों में व्यापक पैमाने पर धांधली और चुनाव परिणाम में हेरफेर की शिकायत की है और दावा किया है कि उसका जनादेश चोरी हुआ है। कई मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद इमरान खान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को भी पत्र लिखकर वैश्विक ऋणदाता से चुनाव परिणामों का ऑडिट कराने का आह्वान किया था। हालांकि, वाशिंगटन स्थित ऋणदाता ने आर्थिक मुद्दों पर संकीर्ण जनादेश का हवाला देते हुए यह कहते हुए मांग ठुकरा दी कि वह घरेलू राजनीतिक विकास पर टिप्पणी नहीं करता है।
 

9 मई की हिंसा मामले में सैन्य कार्रवाई का पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने मांगा विवरण
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अधिकारियों से पिछले साल नौ मई की हिंसक घटनाओं में संलिप्तता के लिए नागरिकों पर किए गए सैन्य कार्रवाई के बारे में विवरण उपलब्ध कराने को कहा। यह मामला पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भड़के दंगों के दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों में कथित संलिप्तता के लिए 103 नागरिकों के मुकदमे के बारे में है।

न्यायमूर्ति अमीनुद्दीन खान, न्यायमूर्ति मुहम्मद अली मज़हर, न्यायमूर्ति सैयद अज़हर हसन रिज़वी, न्यायमूर्ति शाहिद वहीद, न्यायमूर्ति मुसर्रत हिलाली और न्यायमूर्ति इरफान सआदत खान की छह सदस्यीय पीठ ने 23 अक्टूबर, 2023 को इसके खिलाफ इंट्रा-कोर्ट अपील (आईसीए) के एक सेट पर सुनवाई की।  जस्टिस इजाजुल अहसन, मुनीब अख्तर, याह्या अफरीदी, सैयद मजार अली अकबर नकवी और आयशा मलिक की सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने सर्वसम्मति से घोषणा की थी कि आरोपी नागरिकों पर सैन्य अदालतों में मुकदमा चलाना देश के संविधान के खिलाफ है। पीठ ने यह भी फैसला सुनाया कि उन पर नागरिक आपराधिक अदालतों में मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

आईसीए के एक समूह ने इसका पालन किया और अदालत ने पिछले साल 13 दिसंबर को अपील पर फैसला आने तक 5-1 के बहुमत से फैसले को निलंबित कर दिया। अपीलें तत्कालीन कार्यवाहक संघीय सरकार और बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांतों के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय द्वारा दायर की गईं थीं।
 
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ईस्टर धमाके मामले में श्रीलंकाई पूर्व राष्ट्रपति से पूछताछ
 श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना 2019 ईस्टर संडे आत्मघाती बम विस्फोटों पर अपनी हालिया टिप्पणी पर एक बयान दर्ज कराने के लिए सोमवार को अपराध जांच विभाग के समक्ष पेश हुए। उन्होंने दावा किया था कि हमलों में शामिल मास्टरमाइंड के बारे में वो जानते थे, जिस घटना में भारतीयों समेत 270 लोगों की मौत हुई थी। 

सिरिसेना 2015 जनवरी से 2019 नवंबर के बीच राष्ट्रपति थे। उन्होंने पहले 21 अप्रैल, 2019 को हुए हमलों के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया था। पुलिस प्रवक्ता निहाल थल्दुवा ने बताया कि 5 घंटे लंबा बयान दर्ज किया गया। पुलिस ने कहा, सिरिसेना सुबह करीब साढ़े दस बजे पहुंचे और शाम करीब चार बजे चले गए। सिरिसेना ने बुधवार को केंद्रीय शहर कैंडी में एक सार्वजनिक बयान देते हुए कहा कि उन्हें हमलों के मास्टरमाइंड के बारे में पता था। उन्होंने कहा था कि मुझे पता है कि यह किसने किया।
 
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