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G7: शिखर बैठक में विश्व के नेता रूस पर और प्रतिबंध लगाने को तैयार, यूपीआई प्रणाली पर विचार कर रहा जापान

Sat, 20 May 2023 06:47 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो

सार

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कारण यूक्रेन पर मंडरा रहे एटमी हमले के खतरे, उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों व चीन के तेजी से बढ़ते एटमी जखीरे के मद्देनजर जापान ने परमाणु निरस्त्रीकरण पर जोर दिया है।
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जी7 शिखर सम्मेलन - फोटो : internationalrelationsedu.org
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विस्तार
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दुनिया के शक्तिशाली लोकतांत्रिक देशों के नेताओं ने ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ (जी-7) की बैठक में यूक्रेन पर हमला करने वाले रूस को दंडित करने के नए तरीकों पर पर संकल्प लिया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कारण यूक्रेन पर मंडरा रहे एटमी हमले के खतरे, उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों व चीन के तेजी से बढ़ते एटमी जखीरे के मद्देनजर जापान ने परमाणु निरस्त्रीकरण पर जोर दिया है।

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बंद दरवाजों के भीतर हुई जी-7 समूह की बैठकों के बाद उसके नेताओं ने कहा कि यूक्रेन के लिए हमारा समर्थन कम नहीं होगा। हम यूक्रेन के खिलाफ रूस के अवैध, अनुचित और अकारण युद्ध के विरोध में एक साथ खड़े होने का संकल्प लेते हैं। रूस ने इस युद्ध की शुरुआत की थी और इस युद्ध को समाप्त भी कर सकता है। इस बैठक में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की भी भाग लेंगे, वहीं जी-7 समूह के नेता रूस पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं। 

विश्व के नेताओं ने शुक्रवार को दुनिया के पहले युद्धकालीन परमाणु बम विस्फोट में मारे गए हजारों लोगों को समर्पित एक शांति उद्यान का दौरा भी किया। यहां सांकेतिक पौधरोपण के बाद रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों का खुलासा किया जाएगा और उस पर पहले से लगाए गए प्रतिबंधों को लागू करने के प्रयास दोगुने करने एवं उसे जवाबदेह बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 
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इसमें अमेरिका की ओर से रूस के रक्षा उत्पादन से जुड़ी रूसी व अन्य देशों की करीब 70 संस्थाओं को काली सूची में डालना व 300 से अधिक व्यक्तियों, संस्थाओं पर प्रतिबंध शामिल हैं। उधर, ब्रिटेन ने रूसी हीरे, तांबा समेत कई धातुओं के आयात पर पाबंदी की घोषणा की है। 

यूपीआई प्रणाली को अपनाने पर गंभीरता से विचार कर रहा जापान
जापान सरकार भारत की रियल टाइम भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) को अपनाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। जापान के डिजिटल कार्यमंत्री कोनो तारो ने कहा, जापान पर चीन के संरक्षण में साइबर हमलों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। हाल ही में हुए उपचुनाव व राष्ट्रीय चुनावों में चीन ने साइबर हमलों के जरिये दखलंदाजी के प्रयास किए हैं। ऐसे में जापान को सतर्क रहने और इन हमलों से निपटने के रचनात्मक तरीकों पर जोर देने की जरूरत है। तारो ने कहा, आम लोगों के लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए भारत के साथ डिजिटल सहयोग बढ़ाया जा रहा है।

रूस को अलग-थलग करने की कार्रवाई
एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि जी-7 के अन्य देश भी रूस को अलग-थलग करने तथा यूक्रेन पर हमला करने की उनकी क्षमताओं को कमजोर करने के लिए इस प्रकार के कदम उठाएंगे। शिखर सम्मेलन में जी-7 के गैर-सदस्य अतिथि देशों के नेताओं को भी यह समझाने की कोशिश की जाएगी कि प्रतिबंधों को लागू करना इतना महत्वपूर्ण क्यों है।

रूस से निपटने पर चर्चा में शामिल होंगे जेलेंस्की
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की जी-7 में रविवार को हिरोशिमा आएंगे। यहां दुनियाभर के नेता यूक्रेन पर हमला करने को लेकर रूस के विरुद्ध नए प्रतिबंधों का खुलासा करेंगे। जेलेंस्की हर उस जगह जाएंगे जहां रूस से निपटने के उपायों पर चर्चा होगी। वह चाहते हैं कि हमारे देश में स्थिरता के मुद्दे को जल्द सुलझाया जाना चाहिए।

हिरोशिमा पार्क पहुंचे बाइडन, सुनक और मैक्रों
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों शुक्रवार को जापान के हिरोशिमा पीस मेमेरियल पार्क पहुंचे। जापानी पीएम फुमियो किशिदा ने यहां उनका स्वागत किया। पार्क में बाइडन के साथ उनकी पत्नी जिल बाइडन और ब्रिटिश पीएम सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति भी शामिल थीं।

जी-7 में उठाएंगे वैश्विक दक्षिण की चिंताएं
भारत को दुनिया की विविधताओं के बीच का सेतु बताते हुए पीएम ने कहा, जी-7 और जी-20 जैसे मंचों के जरिये भारत वैश्विक दक्षिण की चिंताओं को आवाज देता रहेगा। जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी उनका जोर दुनिया के विकसित और विकासशील देशों के बीच सामंजस्य बनाने पर होगा। वह ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी और आपूर्ति शृंखला जैसे क्षेत्रों में वैश्विक परिवर्तनों और चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं।

भारत-जापान के साझा हित
भारत और जापान के हितों को साझा बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, दोनों देश नियम आधारित व्यवस्था में विश्वास और लोकतंत्र व आजादी के मूल्य साझा करते हैं। इसके अलावा दोनों देशों के राजनीतिक, रणनीतिक, सुरक्षा व आर्थिक हित मेल खाते हैं।

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