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डेल्टा प्लस वैरिएंट: सिर्फ वैक्सीन और मास्क से होगा बचाव, डब्ल्यूएचओ ने बताया 'आखिरी रास्ता'

Sun, 27 Jun 2021 10:21 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा

सार

डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, इस वायरस से निपटने के लिए वैक्सीन के साथ-साथ मास्क लगाना भी बेहद जरूरी है। 
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डेल्टा प्लस वैरिएंट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay
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विस्तार
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देश में कोरोना वायरस का डेल्टा प्लस वैरिएंट तेजी से फैल रहा है और ऐसा बताया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर के पीछे डेल्टा प्लस वैरिएंट ही हो सकता है। डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर कई जानकार कह चुके हैं कि ये कोरोना वायरस का अबतक का सबसे ज्यादा संक्रामक म्यूटेंट है। 

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डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि इससे निपटने के लिए पहले से ही महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे। संगठन का कहना है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट को अगर फैलने से रोकना है तो इसके लिए वैक्सीन के साथ-साथ मास्क और दो गज दूरी जैसे कदम भी उठाने होंगे। 

संगठन का कहना है कि वैक्सीनेशन के साथ-साथ मास्क भी बहुत जरूरी है क्योंकि डेल्टा के खिलाफ सिर्फ वैक्सीन असरदार नहीं है। हमें छोटे समय में ही तैयारियां करनी होंगी, नहीं तो एक बार फिर लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ेगा। यूट्यूब के एक शो में विश्व स्वास्थ्य संगठन के रूस के प्रतिनिधि मेलिटा वुजनोविक ने ये सब जानकारी दी। 
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वुजनोविक ने कहा कि वैक्सीनेशन बेहद जरूरी है क्योंकि इससे संक्रमण की दर कम हो जाती है और बीमारी के गंभीर होने की संभावना भी घटती है। बता दें कि डेल्टा प्लस वैरिएंट काफी आसानी से फैल जाता है और फेफड़ों तक भी आसानी से पहुंच जाता है। बता दें कि गले से लेकर फेफड़ों तक जाने में डेल्टा प्लस वैरिएंट को ज्यादा समय नहीं लगता है। 

बता दें कि महीने की शुरुआत में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेल्टा वैरिएंट को वैरिएंट ऑफ कंसर्न की श्रेणी में डाल दिया था। डेल्टा वैरिएंट की वजह से कई देशों में कोरोना का संक्रमण और तेजी से फैला। देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला मामला मार्च में आया था और अबतक इसके कई मामले सामने आ चुके हैं। 

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को जानकारी दी थी कि देश के 12 राज्यो में डेल्टा प्लस वैरिएंट मौजूद है और महाराष्ट्र में इसके सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके अलावा शनिवार को गुजरात में डेल्टा प्लस वैरिएंट का पहला मामला पाया गया। इसके अलावा लुधियाना और चंडीगढ़ में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले मिले हैं। 

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