विश्व बैंक की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि पाकिस्तान को 2023 से 2030 के बीच जलवायु परिवर्तन और विकास के मुद्दों से निपटने के लिए 348 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश चाहिए। इसमें 196 बिलियन डॉलर का निवेश डीकार्बोनाइजेशन के लिए चाहिए।
पाकिस्तान हमेशा की तरह आर्थिक तंगी की मार झेल रहा है। इसी बीच विश्व बैंक का एक बड़ा बयान सामने आया है। विश्व बैंक ने कहा कि पाकिस्तान को 2023 से 2030 के बीच जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 350 बिलियन अमरीकी डॉलर की आवश्यकता है। साथ ही विश्व बैंक ने पाकिस्तान से एक व्यापक जलवायु वित्त रणनीति बनाने का आग्रह किया।
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वैश्विक जलवायु जोखिम की रिपोर्ट
मामले में वैश्विक जलवायु जोखिम सूचकांक के अनुसार पाकिस्तान वर्तमान में दुनिया का पाँचवाँ सबसे अधिक जलवायु-संवेदनशील देश है। साथ ही पाकिस्तान दुनिया में सबसे अधिक आपदा जोखिम स्तरों का भी सामना कर रहा है। देखा जाए तो अकेले 2022 में बाढ़ ने पाकिस्तान में 33 मिलियन लोगों को प्रभावित किया और 8 मिलियन लोगों को विस्थापित किया।
साथ ही रिपोर्ट में बताया गया कि बाढ़ के चलते पाकिस्तान को अनुमानतः 3.2 ट्रिलियन रुपये का नुकसान हुआ। बता दें कि पाकिस्तान 2024 के सूचना जोखिम सूचकांक के अनुसार 194 देशों में से 23वें स्थान पर स्थान पर है।
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विश्व बैंक का अनुमान
वहीं विश्व बैंक की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि पाकिस्तान को 2023 से 2030 के बीच जलवायु परिवर्तन और विकास के मुद्दों से निपटने के लिए 348 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश चाहिए। इसमें से 152 बिलियन डॉलर का निवेश जलवायु अनुकूलन और लचीलापन के लिए और 196 बिलियन डॉलर का निवेश डीकार्बोनाइजेशन के लिए चाहिए।
हालांकि, विश्व बैंक ने ये भी अनुमान लगाया है कि यह आंकड़ा अनुमानत: कम है क्योंकि डेटा की कमी के कारण कुछ महत्वपूर्ण निवेश आवश्यकताओं को नहीं शामिल किया गया है, जैसे कि बाढ़ जोखिम प्रबंधन और जलवायु-लचीले ग्रामीण संपर्क।
विश्व बैंक ने पाकिस्तान से आर्थिक मदद का किया था वादा
गौरतलब है कि इससे पहले, विश्व बैंक ने देश के भीतर समावेशी और सतत विकास का समर्थन करने के लिए 10-वर्षीय देश साझेदारी ढांचे (सीपीएफ) के तहत पाकिस्तान को 20 बिलियन अमरीकी डॉलर प्रदान करने का वादा दिया था।