इस साल जून के माह में पाकिस्तान में अभूतपूर्व मानसूनी बारिश हुई। इसके चलते देश का एक तिहाई हिस्सा पानी में डूब गया था। भारी बारिश से बीस लाख से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा था। वहीं, 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
विश्व बैंक ने नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को मंगलवार को राहत दी है। इस अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान ने सिंध प्रांत में बाढ़ प्रभावितों को मदद पहुंचाने के लिए 1.692 अरब अमेरिकी डॉलर (1.3 खरब भारतीय रुपये)) की मंजूरी दी है।
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इस साल जून के माह में पाकिस्तान में अभूतपूर्व मानसूनी बारिश हुई। इसके चलते देश का एक तिहाई हिस्सा पानी में डूब गया था। भारी बारिश से बीस लाख से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा था। वहीं, 1700 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।
विश्व बैंक ने पांच परियोजनाओं में 1.692 अरब अमेरिकी डॉलर की मंजूरी दी है। पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार ने वैश्विक ऋणदाता की ओर से जारी बयान का हवाला देते हुए बताया कि विश्व बैंक द्वारा मंगलवार को घोषित परियोजनाओं में तीन पुनर्वास, आवास पुनर्निर्माण और कमजोर समुदाय के लोगों के फसल के उत्पादन की बहाली में सहायता के लिए है, जबकि दो परियोजनाएं माताओं और बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं में मदद करने के लिए हैं।
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इसने कहा कि सिंध 2022 की बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांत था, क्योंकि यहां आवास, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों को भारी नुकसान हुआ था और लोगों ने अपनी आजीविका खो दी थी। पाकिस्तान के लिए विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर नाजी बेन्हासीन के हवाले से कहा गया है कि यह क्षतिग्रस्त घरों और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण, बाढ़ प्रभावितों को मजबूत करने और संस्थानों और शासन के ढांचों में सुधार करने का अवसर है।
वैश्विक ऋणदाता ने कहा, सिंध में बाढ़ आपातकालीन पुनर्वास परियोजना के लिए पांच सौ मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि आवंटित की गई है, जो क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में मदद करेगी और आपदाओं से निपटने में सरकार की क्षमता को मजबूत करेगी। बयान में कहा गया है कि सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित जिलों में कम से कम बीस लाख लोग बुनियादी ढांचे की बहाली और पुनर्निर्माण से लाभान्वित होंगे। इन बीस लाख प्रभावितों में पचास फीसदी महिलाएं हैं।