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Life on Other Planets: एलियन तकनीक की मदद से होगी दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश, जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Mon, 24 Oct 2022 05:28 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, वाशिंगटन।

सार

अमेरिका की पेन्सिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि हमारे दो वैज्ञानिक मैसी ह्यूस्टन और जेसन राइट दूसरे ग्रह पर सर्च फॉर एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस-एसईटीआई पर काम कर रहे हैं। इस अनुसंधान में हम धरती से परे दूसरे ग्रह पर इस्तेमाल होने वाली तकनीक के संकेतों का पता लगाने और उन्हें चिह्नित करने का प्रयास करते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Twitter
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विस्तार
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एलियन तकनीक की मदद से दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावना का पता लगाया जा सकता है। आमतौर पर धरती पर इस्तेमाल होने वाली कई इंसानी तकनीक (मोबाइल टॉवर से लेकर चमकीले बल्ब तक) जीवन की मौजूदगी के बारे में संकेत देने के लिहाज से मददगार साबित होते हैं। इसी तरह के तकनीकी संकेत को अन्य ग्रहों पर जीवन की तलाश में इस्तेमाल किया जाएगा।

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अमेरिका की पेन्सिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि हमारे दो वैज्ञानिक मैसी ह्यूस्टन और जेसन राइट दूसरे ग्रह पर सर्च फॉर एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस-एसईटीआई पर काम कर रहे हैं। इस अनुसंधान में हम धरती से परे दूसरे ग्रह पर इस्तेमाल होने वाली तकनीक के संकेतों का पता लगाने और उन्हें चिह्नित करने का प्रयास करते हैं। खोगलविद फ्रैंक ड्राके के मुताबिक, ‘ओज्मा परियोजना’ के तहत दो नजदीकी सूर्य जैसे तारों को लक्षित करके एक बड़ी रेडियो दूरबीन लगाई गई है। इससे यह पता लगाया जा सके कि यह उनसे आने वाले रेडियो संकेतों का पता लगा पाती है या नहीं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह के संकेत नजदीकी तारों से आते हैं, तो उनका पता लगाया जा सकता है। कई तकनीकों के इस्तेमाल से अधिक रेडियो तरंगों का प्रसारण होता है, जो लीक होकर अंतरिक्ष में पहुंच जाती हैं। आने वाला ‘स्क्वायर किलोमीटर अरे रेडियो टेलीस्कोप’ बेहद कमजोर रेडियो तरंग के संकेत का भी पता लगा लेगा, क्योंकि यह मौजूदा रेडियो टेलीस्कोप के मुकाबले 50 गुना अधिक संवेदनशील है।
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इन संकेतों से होगी पुष्टि : यदि खगोलविद पाते हैं कि किसी ग्रह का वायुमंडल ऐसे रसायन से भरा है जिसे केवल तकनीक से उत्पन्न किया जा सकता है, तो यह जीवन का संकेत हो सकता है। जैविक संकेत का पता लगाकर सुदूर स्थित ग्रहों की खोज के लिए जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का इस्तेमामाल किया जा रहा है।

मेगास्ट्रक्चर की खोज
एक वास्तविक एलियन विमान का पता लगाने के अलावा रेडियो तरंगें सबसे सामान्य तकनीकी संकेत हैं, जिनका इस्तेमाल साई-फाई फिल्मों और पुस्तकों में इस्तेमाल किया गया है। लेकिन ये वहां से आने वाले इकलौते संकेत नहीं हैं। मेगास्ट्रक्चर का पता लगाने का एक और संभावित तरीका यह होगा कि किसी तारे पर इसके धीमे प्रभाव की गणना की जाए। किसी तारे का चक्कर लगाने वाले बड़े कृत्रिम उपग्रह समय-समय पर उसके कुछ प्रकाश को अवरुद्ध कर देते हैं।

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