पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया हुआ है। अब भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन बड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत भारत ने पाकिस्तान से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही पाकिस्तान से आने वाले डाक-पार्सल पर भी रोक लगा दी गई है। भारत ने पाकिस्तान का झंडा लगे जहाजों को भी भारत के बंदरगाहों पर रुकने से रोक लगा दी है। इन सब के बीच पाकिस्तान की गीदड़भभकियां जारी हैं।
पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इस वजह से पड़ोसी मुल्क के राजनेताओं से लेकर नौकरशाहों तक की बेचैनी और बड़बोलापन दुनिया के सामने आ गया है। इसी बौखलाहट के क्रम में रूस में आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के राजदूत ने खुलेआम भारत को धमकी दी है। राजदूत ने कहा कि अगर नई दिल्ली अपने पड़ोसी पर हमला करता है तो इस्लामाबाद परमाणु हथियारों सहित अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेगा। हालांकि, वो शायद यह भूल गए उनका देश पाई-पाई के लिए दुनियाभर के सामने हाथ फैला रहा है। उनकी खुद की आवाम आटे और पानी के लिए जद्दोजहद कर रही है। ऐसे में उन्हें वैश्विक नेता के तौर पर उभर रहे भारत के लिए कुछ भी बोलने से पहले कई बार सोचना चाहिए था।
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मुहम्मद खालिद जमाली ने उगला जहर
रूसी मीडिया आरटी को दिए गए साक्षात्कार में राजदूत मुहम्मद खालिद जमाली ने दावा किया कि कुछ लीक हुए दस्तावेजों से पता चला है कि भारत पाकिस्तान के कुछ इलाकों पर हमला करेगा। ऐसा होकर ही रहेगा। उन्होंने कहा, 'भारत के मीडिया और उस तरफ से आने वाले गैरजिम्मेदाराना बयानों ने हमें ऐसा सोचने लिए मजबूर किया है। कुछ अन्य लीक हुए दस्तावेज भी हैं, जिनके मुताबिक पाकिस्तान के कुछ इलाकों पर हमला करने का फैसला किया गया है। इसलिए हमें लगता है कि ऐसा होने वाला है और यह होकर रहेगा।
राजदूत की गीदड़भभकी
उन्होंने कहा, 'जब भारत और पाकिस्तान की बात आती है, तो हम ताकत की इस बहस में शामिल नहीं होना चाहते। हम अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेंगे यानी पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह की ताकत। जमाली ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के लोगों की ओर से समर्थित सशस्त्र बल पूरी ताकत से जवाब देंगे।
पाकिस्तान को भारत की जवाबी कार्रवाई का डर
दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बैसरन घाटी में पाकिस्तानी आतंकवादियों की ओर से पर्यटकों पर हमला किए जाने के बाद से पाकिस्तान को भारत की जवाबी कार्रवाई का डर सता रहा है।
पाकिस्तान के मंत्री हनीफ अब्बासी ने खुले तौर पर भारत को परमाणु जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी। उन्होंने गीदड़भभकी देते हुए कहा था कि पाकिस्तान के शस्त्रागार में घोरी, शाहीन और गजनवी मिसाइलों के साथ-साथ 130 परमाणु हथियार हैं। इन्हें केवल भारत के लिए रखा गया है। अब्बासी ने कहा था कि अगर भारत सिंधु जल संधि को निलंबित करके पाकिस्तान की जल आपूर्ति को रोकने की हिम्मत करता है, तो उसे पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए।
बीते बुधवार को पाकिस्तान के एक अन्य मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया था कि उनके देश को विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली है कि भारत अगले 24 से 36 घंटों के भीतर सैन्य हमला कर सकता है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि किसी भी आक्रामक कार्रवाई का निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि भारत हमला होकर रहेगा। पाकिस्तान हाईअलर्ट पर है, लेकिन अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल केवल तभी करेगा जब हमारे अस्तित्व को सीधा खतरा होगा।
22 अप्रैल और उसके बाद क्या-क्या हुआ?
22 अप्रैल को आतंकवादियों ने बैसरन घाटी में घूमने आए पर्यटकों की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। इलाके को मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है। यहां केवल पैदल या घोड़े पर बैठकर पहुंचा जा सकता है। इस प्रक्रिया में एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोग मारे गए थे। आतंकवादियों ने गैर-मुस्लिम पर्यटकों को निशाना बनाया था। उन्होंने पर्यटकों से उनका धर्म और पहचान पूछकर गोली मारी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद से ही कई महत्वपूर्ण सुरक्षा और कैबिनेट बैठकें कीं और देश से वादा किया कि उनकी सरकार पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों को बख्शेगी नहीं। इससे पहले भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया। सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया। पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा रद्द कर दिया गया। पाकिस्तानी एयरलाइनों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया। दूसरी ओर पाकिस्तान ने भी भारतीय प्रतिशोध की आशंका में जवाबी कार्रवाई की घोषणा की और शिमला समझौते को निलंबित कर दिया।