कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो
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अब ट्रूडो के साथ क्या होगा
इन मामलों के बीच कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो पर पद छोड़ने का दबाव बन रहा है। ट्रूडो को हटाना तभी संभव है जब हाउस ऑफ कॉमन्स में उनके खिलाफ मंत्रिमंडल के सदस्य और विधायक पद से हटाने के लिए कहेंगे। ट्रूडो को यह दिखाना होगा कि उनको हाउस ऑफ कॉमन्स में निर्वाचित सदन का विश्वास प्राप्त है। कनाडा में बजट और अन्य व्यय पर वोट को विश्वास का उपाय माना जाता है।
वहीं कनाडा सरकार को हाउस ऑफ कॉमन्स में प्रत्येक सत्र में कुछ दिन विपक्षी दल को देने होते हैं। इन सत्रों में विपक्षी दल अविश्वास समेत अन्य किसी भी मामले पर प्रस्ताव पेश कर सकते हैं। अब अगर सभी दल पीएम ट्रूडो की लिबरल पार्टी के खिलाफ वोट करते हैं तो उनके लिए पद बचाना मुश्किल होगा। अगर कोई भी दल मतदान से दूर रहा तो वे उनका बचना संभव है। हाउस ऑफ कॉमन्स सर्दी की छुट्टियों के लिए बंद होने वाला है और फिर यह 27 जनवरी के बाद खुलेगा। ऐसे में विश्वास मत सबसे पहले फरवरी में होगा और ट्रूडो बच सकते हैं।
कनाडा में सांविधानिक शक्ति का अंतिम अधिकार किंग चार्ल्स के निजी प्रतिनिधि गर्वनर जनरल मैरी साइमन के पास है, वह चाहें तो ट्रूडो को हटा सकती हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा। क्योंकि वे ऐसे पीएम को बर्खास्त नहीं करेंगी तो कॉमन्स में विश्वास रखने वाला हो।
बचने का यह भी तरीका
कनाडा में ट्रूडो की लिबरल पार्टी के पास हाउस ऑफ कॉमन्स में सीटें कम हैं। वे अन्य पार्टियों के समर्थन पर निर्भर हैं। इसमें उनको लेफ्ट की न्यू डेमोक्रेट्स का भी समर्थन मिला है। बताया जाता है कि न्यू डेमाक्रेट के नेता पर ट्रूडो को सत्ता से हटाने का दबाव है, लेकिन उनकी पार्टी प्रमुख विपक्षी दल कंजर्वेटिव की तरह मजबूत नहीं है और चुनाव में उसका सामना नहीं कर पाएगी। इसलिए डेमोक्रेट्स ट्रूडो के खिलाफ जाने की गलती नहीं करेंगे।
ट्रूडो ने इस्तीफा दिया तो क्या होगा
अगर कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो दबाव के बीच इस्तीफा दे भी देते हैं तो सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी अंतरिम प्रधानमंत्री के लिए सम्मेलन आयोजित करेगी। मगर सम्मेलन में आमतौर पर काफी महीने लग जाते हैं और उससे पहले चुनाव हो गए तो लिबरल पार्टी ऐसे अंतरिम प्रधानमंत्री के हाथों में चली जाएगी जिसे सदस्यों ने नहीं चुना होगा। कनाडा में ऐसा कभी हुआ नहीं है। उप प्रधानमंत्री फ्रीलैंड को भी स्थायी आधार पर प्रधानमंत्री नहीं बनाया जा सकता। क्योंकि परंपरा के तहत अंतरिम नेता उम्मीदवार के तौर पर पार्टी का नेतृत्व नहीं कर सकता। अगर फ्रीलैंड चुनाव लड़ती हैं तो उनको अंतरिम नेता नहीं बनाया जाएगा।
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