अमेरिका ने जर्मनी से करीब 5,000 सैनिक हटाने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम अगले 6 से 12 महीनों में पूरा किया जाएगा। पेंटागन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह फैसला यूरोप में सैन्य जरूरतों और हालात की समीक्षा के बाद लिया गया है।
इस फैसले के क्या होंगे वैश्विक असर?
माना जा रहा है कि यह कदम अमेरिका की वैश्विक ताकत दिखाने की रणनीति का हिस्सा है। इससे यूरोप को अपनी सुरक्षा खुद संभालने का संकेत मिल रहा है। नाटो देशों में पहले से ही इस फैसले को लेकर चिंता थी। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप में सुरक्षा का मुद्दा और गंभीर हो गया है। अमेरिका धीरे-धीरे अपनी जिम्मेदारी कम करने की दिशा में बढ़ रहा है।
आगे क्या हो सकता है और क्यों बढ़ी चिंता?
ट्रंप पहले भी अपने पहले कार्यकाल में ऐसा कदम उठाने की कोशिश कर चुके थे। उस समय यह योजना लागू नहीं हो पाई थी और बाद में रोक दी गई थी। अब फिर से यह फैसला लागू होने जा रहा है, जिससे नाटो में तनाव बढ़ सकता है। जर्मनी में अमेरिकी परमाणु हथियार भी तैनात हैं, जिससे सुरक्षा और अहम हो जाती है। आने वाले समय में यूरोप को अपनी रक्षा नीति में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।