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Prince Harry: आखिर किस मामले में कोर्ट में पेश होंगे प्रिंस हैरी, प्रेमिका से रिश्ता टूटने का क्या कनेक्शन?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 03 Jun 2023 07:58 PM IST

सार

हैरी और 100 से अधिक अन्य लोगों ने मिरर ग्रुप न्यूजपेपर्स (एमजीएन) पर गैरकानूनी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया था। एमजीएन, ब्रिटिश समाचार पत्रों डेली मिरर और संडे मिरर और संडे पीपल टैबलॉयड का प्रकाशक है।
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प्रिंस हैरी - फोटो : AMAR UJALA
ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य प्रिंस हैरी न्यायालय के कठघरे में खड़े दिखाई देंगे। दरअसल, फोन हैकिंग मामले में अदालत में गवाही देने के लिए प्रिंस को सोमवार को लंदन स्थित उच्च न्यायालय में पेश होना है। 130 साल में पहली बार होगा जब शाही परिवार का कोई सदस्य कटघरे में खड़ा होगा।

फोन हैकिंग के आरोपों को लेकर ब्रिटिश समाचार पत्र 'डेली मिरर' के प्रकाशक के खिलाफ ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। प्रिंस हैरी उन हस्तियों में से एक हैं, जिनके दावों पर प्रकाशक के खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा है। 
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प्रिंस हैरी - फोटो : AMAR UJALA
ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य प्रिंस हैरी न्यायालय के कठघरे में खड़े दिखाई देंगे। दरअसल, फोन हैकिंग मामले में अदालत में गवाही देने के लिए प्रिंस को सोमवार को लंदन स्थित उच्च न्यायालय में पेश होना है। 130 साल में पहली बार होगा जब शाही परिवार का कोई सदस्य कटघरे में खड़ा होगा।

फोन हैकिंग के आरोपों को लेकर ब्रिटिश समाचार पत्र 'डेली मिरर' के प्रकाशक के खिलाफ ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। प्रिंस हैरी उन हस्तियों में से एक हैं, जिनके दावों पर प्रकाशक के खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा है। 

लंदन हाईकोर्ट - फोटो : SOCIAL MEDIA
प्रिंस हैरी किस मामले में कोर्ट में पेश होंगे? 
हैरी और 100 से अधिक अन्य लोगों ने मिरर ग्रुप न्यूजपेपर्स (एमजीएन) पर 1991 और 2011 के बीच व्यापक गैरकानूनी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया था। मिरर ग्रुप न्यूजपेपर्स, ब्रिटिश समाचार पत्रों डेली मिरर और संडे मिरर और संडे पीपल टैबलॉयड का प्रकाशक है। 

प्रकाशक के खिलाफ केस करने वालों में प्रिंस के अलावा अभिनेता, खेल सितारे, मशहूर हस्तियां और ऐसे लोग शामिल हैं, जिनका हाई-प्रोफाइल शख्सियतों से संबंध था।

वादी पक्ष का कहना है कि प्रकाशक के पत्रकारों या उनके द्वारा अधिकृत निजी लोगों ने बड़े पैमाने पर फोन-हैकिंग को अंजाम दिया। इसके जरिए धोखे से उनकी निजी जानकारी हासिल की और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए अन्य अवैध कृत्यों को अंजाम दिया।

वादी पक्ष के वकीलों का कहना है कि वरिष्ठ संपादकों और अधिकारियों को इस कृत्य की जानकारी थी और उन्होंने इसकी स्वीकृति दी थी। एमजीएन दावों का विरोध कर रहा है और इनकार करता है कि वरिष्ठ व्यक्ति गलत काम के बारे में जानते थे। यह भी तर्क देता है कि कुछ मुकदमों को बहुत देर से लाया गया था।

10 मई से शुरू हुई सुनवाई के लिए चार मामले हैं। इनमें से पहले में किंग चार्ल्स के छोटे बेटे हैरी की सुनवाई होगी। सोमवार को सुनवाई के दौरान हैरी लंदन हाईकोर्ट में सबूत देंगे।

प्रिंस हैरी - फोटो : अमर उजाला
पहली बार यह मामला कब सामने आया था?
फोन-हैकिंग का मामला पहली बार 2006 में सामने में आया जब रूपर्ट मर्डोक के न्यूज ऑफ द वर्ल्ड (एनओडब्ल्यू) टैब्लॉइड के तत्कालीन संपादक और एक निजी अन्वेषक को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने अपना जुर्म कबूल किया और 2007 में जेल गए। 2011 में एक और खुलासा हुआ कि स्कूली लड़की को लक्षित किया गया था जिसकी हत्या हो चुकी है। इसके साथ ही एक आपराधिक मुकदमे की शुरुआत हुई।

2014 में, एनओडब्ल्यू के पूर्व संपादक एंडी कूलसन को फोन हैक करने की साजिश का दोषी पाया गया। कूलसन ने बाद में पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के लिए भी काम किया था। मर्डोक के यूके अखबार और रेडियो ऑपरेशन की प्रमुख रिबका ब्रुक्स को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था।

आरोपों पर प्रकाशन का रुख क्या है?
एमजीएन समूह अपने पत्रकारों को हैकिंग में शामिल होने से लगातार इनकार करता रहा है जिसमें एक सार्वजनिक पूछताछ भी शामिल थी। इसने कहा कि हैकिंग का यह कृत्य महज एक शरारती रिपोर्टर तक ही सीमित था और वरिष्ठ लोग गलत काम के बारे में नहीं जानते थे। प्रकाशक ने यह भी तर्क देता है कि कुछ मुकदमों को बहुत देर से लाया गया था।

हालांकि, 2014 में इसने चार मामलों में जिम्मेदारी स्वीकार की। तब से एमजीएन 600 से अधिक दावों को सेटल कर चुका है जिसमें इसने हर्जाने के रूप में $120 मिलियन से अधिक की भरपाई की है।

प्रिंस हैरी - फोटो : File Pic
मिरर ग्रुप के अखबारों ने हैरी के बारे में क्या कहा?
हैरी का कहना है कि 140 स्टोरीज जो एमजीएन द्वारा छापी गई थीं, फोन-हैकिंग या अन्य गैरकानूनी कृत्य का परिणाम थीं। उनके वकीलों ने कहा कि दखलंदाजी के कारण लंबे समय से उनकी प्रेमिका चेल्सी डेवी के साथ उनका रिश्ता टूट गया।

मुकदमे की शुरुआत में जारी किए गए अन्य दस्तावेजों में एमजीएन ने कुछ जुर्मों को कबूल किया था। इसने माना था कि  निजी लोगों को निर्देश दिया गया था कि वे अवैध रूप से जानकारी इकट्ठा करें जिसमें एक अवसर पर हैरी भी शामिल हैं। 

प्रकाशक ने कहा कि उसने सशर्त माफी मांगी है और वह मुआवजे के हकदार हैं। हालांकि इसने उनके अन्य दावों को खारिज कर दिया और कहा कि कुछ जानकारी उनके पिता के लिए काम करने वाले एक पूर्व वरिष्ठ सहयोगी द्वारा दी गई थी।

प्रिंस हैरी - फोटो : ani
हैरी कार्रवाई क्यों कर रहे हैं?
हैरी ने ब्रिटिश समाचार पत्रों के खिलाफ उच्च न्यायालय में चार केस किए हैं। उनमें से एक यह मामला भी है। वह मर्डोक के एनजीएन पर भी मुकदमा कर रहे हैं। उन्होंने एनजीएन के सन टैब्लॉइड पर कथित फोन-हैकिंग और अन्य गैरकानूनी कृत्यों का आरोप लगाया है। 

गायक एल्टन जॉन और पांच अन्य लोगों के साथ प्रिंस, फोन-हैकिंग और अवैध गोपनीयता उल्लंघनों को लेकर  डेली मेल और मेल के प्रकाशक एसोसिएटेड न्यूजपेपर्स (एएनएल) पर भी मुकदमा कर रहे हैं। एएनएल ने भी किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से इनकार किया है।

हैरी एएनएल पर मानहानि का मुकदमा करेंगे
उन्होंने एनजीएन मामले में एक बयान में लिखा था, 'यह सिर्फ फोन हैकिंग की बात नहीं है बल्कि यह शक्ति की जवाबदेही के बारे में है। उनका कहना है कि पत्रकारों के रूप में अपराधियों का स्वांग रचने के लिए प्रेस की भूमिका बहुत अहम थी।
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