Pakistan: दो वक्त की रोटी को तरसी आवाम फिर भी पाकिस्तान ने क्यों बढ़ाया रक्षा बजट, कर्ज कैसे चुकाएगी सरकार?
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Sat, 10 Jun 2023 12:04 PM IST
सार
पाकिस्तान की ओर से रक्षा बजट में बढ़ोतरी से सवाल उठ रहा है कि आखिर इस परिस्थिति में भी पाकिस्तान ने रक्षा बजट क्यों बढ़ाया? इसके पीछे क्या रणनीति है? आइए समझते हैं...
शहबाज शरीफ
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में है। आर्थिक बदहाली, भूखमरी, महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान में सरकार ने रक्षा बजट बढ़ा दिया है। पिछले साल के मुकाबले रक्षा बजट में 15.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को नेशनल असेंबली में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट पेश किया।
एक तरफ पाकिस्तान के लोग दो वक्त की रोटी के लिए परेशान हैं। महंगाई का आलम ये है कि पिछले दिनों कम दाम में सरकार की तरफ से दिए जा रहे आटे के लिए करीब 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। कई जगह गोलियां चली तो कई लोग भूखे भी मर गए। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से रक्षा बजट में बढ़ोतरी से सवाल उठ रहा है कि आखिर इस परिस्थिति में भी पाकिस्तान ने रक्षा बजट क्यों बढ़ाया? इसके पीछे क्या रणनीति है? आइए समझते हैं...
शहबाज शरीफ
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में है। आर्थिक बदहाली, भूखमरी, महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान में सरकार ने रक्षा बजट बढ़ा दिया है। पिछले साल के मुकाबले रक्षा बजट में 15.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को नेशनल असेंबली में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट पेश किया।
एक तरफ पाकिस्तान के लोग दो वक्त की रोटी के लिए परेशान हैं। महंगाई का आलम ये है कि पिछले दिनों कम दाम में सरकार की तरफ से दिए जा रहे आटे के लिए करीब 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। कई जगह गोलियां चली तो कई लोग भूखे भी मर गए। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से रक्षा बजट में बढ़ोतरी से सवाल उठ रहा है कि आखिर इस परिस्थिति में भी पाकिस्तान ने रक्षा बजट क्यों बढ़ाया? इसके पीछे क्या रणनीति है? आइए समझते हैं...
पहले जानिए पाकिस्तान ने कितना रक्षा बजट बढ़ाया?
रक्षा बजट पेश करते हुए पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने अगले साल के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। यह भारत के अनुमान (6.5%) से करीब आधा है। मंत्री ने कहा कि यह चुनावी बजट नहीं है और वास्तविक अर्थव्यवस्था के तत्वों पर केंद्रित है। वित्त वर्ष 2023-24 के बजट का कुल खर्च 14.46 लाख करोड़ रुपये है। सरकार ने कुल मौजूदा खर्च 13,320 अरब रुपये रखा है, जो पिछले साल के बजट आंकड़े से 53 फीसदी अधिक है।
बजट में सबसे ज्यादा 7,303 अरब रुपये का प्रावधान कर्ज भुगतान के लिए
पाकिस्तान सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए रक्षा व्यय का बजट 1,804 अरब रुपये रखा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15.4 प्रतिशत अधिक है। पाकिस्तान सबसे ज्यादा खर्च ब्याज के भुगतान में कर रहा है। वित्त वर्ष के लिए बजट में ब्याज भुगतान पिछले वर्ष से 85 फीसदी बढ़कर 7,303 अरब रुपये हो गया है, जो कुल वर्तमान व्यय का यह 55% है। मुद्रास्फीति का लक्ष्य 21% रखा गया है।
कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान ने क्यों बढ़ाया रक्षा बजट?
इसे समझने के लिए हमने विदेश मामलों के जानकार डॉ. प्रदीप मोहंती से बात की। डॉ. प्रदीप ने कहा, 'पिछले तीन साल से पाकिस्तान की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक हालात बेहद खराब है। महंगाई ने लोगों की जिंदगी कठिन कर दी है। लोग भूखे मर रहे हैं।’
‘राजनीतिक स्थिति तो इतनी खराब है कि देश में गृह युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। इमरान खान और पाकिस्तान सरकार के बीच की लड़ाई सड़कों पर आ चुकी है। हर रोज दंगे हो रहे हैं। तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं।'
डॉ. प्रदीप के अनुसार, 'पिछले दिनों इमरान खान के समर्थकों ने सेना पर हमला किया। खुद इमरान खान पाकिस्तान की सेना के बड़े अफसरों पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। ऐसे में पाकिस्तान की सेना कमजोर हुई है। इसके अलावा अफगानिस्तान, बलूचिस्तान में भी पाकिस्तान की सेना को मुंह की खानी पड़ रही है। कुल मिलाकर पाकिस्तान की सेना चारों तरफ से घिर गई है। ऐसी परिस्थिति में सेना को मजबूती चाहिए। ये बगैर बजट के संभव नहीं है। दूसरी ओर पाकिस्तान को भारत के सामने भी मजबूत दिखना है। इसलिए शहबाज शरीफ ने अपने देश की जनता के लिए रोजी-रोटी की व्यवस्था से ज्यादा प्राथमिकता रक्षा बजट बढ़ाने को दी है।'
डॉ. प्रदीप कहते हैं, 'पाकिस्तान के सैन्य उपकरण, फाइटर जेट काफी पुरानी तकनीक के हैं। सेना की कमजोरी सबके सामने है। ऐसे में सरकार अब नए सिरे से पाकिस्तान की सेना को मजबूती प्रदान करना चाहती है। रक्षा बजट में बढ़ोतरी का ज्यादा हिस्सा नए और अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों को खरीदने में किया जाएगा। इसके जरिए पाकिस्तान उन देशों से अपने रिश्ते भी बेहतर करने की कोशिश करेगा जो सैन्य उपकरण की बिक्री करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कोई भी देश तभी पाकिस्तान की मदद करेगा जब तक उसे आर्थिक फायदा दिखेगा। भारत इस वक्त दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। भारत से हर देश को फायदा होता है। ऐसे में अगर पाकिस्तान को भारत से मुकाबला करना है तो उसे अपनी खरीदारी की क्षमता को भी बढ़ाना होगा।'