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US: राष्ट्रपति पुतिन के साथ बैठक रद्द क्यों? ट्रंप ने पहली बार खुद बताया; अलग-अलग देशों से युद्ध पर भी बोले

Thu, 23 Oct 2025 03:51 AM IST
लव गौर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को रूस पर कड़े प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि यह “बहुत बड़ा दिन” है। साथ ही उन्होंने पुष्टि की है कि अगले सप्ताह वे मलयेशिया, दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा पर जाएंगे, जहां उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से एक लंबी बैठक तय है।
 
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व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि वो अगले सप्ताह वे मलयेशिया, दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा करेंगे। दक्षिण कोरिया में उनका चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से लंबी बैठक निर्धारित है। ट्रंप ने बताया कि इस बैठक में कई सवालों और मुद्दों पर सहयोग और चर्चा संभव होगी। इसी के साथ उन्होंने पुतिन के साथ होने वाली बैठक पर भी जवाब दिया।
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पुतिन के साथ बैठक रद्द होने पर बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी योजना बनाई गई मुलाकात रद्द कर दी, क्योंकि उन्हें लगा कि यह सही समय और सही दिशा नहीं है। उन्होंने कहा, "हमें ऐसा नहीं लगा कि हम वहां पहुंचेंगे जहां पहुंचना जरूरी है, इसलिए मैंने इसे रद्द कर दिया।" वहीं रूस पर नए प्रतिबंधों को लेकर ट्रंप ने कहा कि अब समय आ गया था कि यह कदम उठाया जाए। उन्होंने कहा कि ये प्रतिबंध रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों पर लगाए गए हैं।



रूस पर प्रतिबंधों पर बोले ट्रंप
रूस पर बढ़ाए जा रहे प्रतिबंधों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि यह समय की मांग थी। उन्होंने बताया कि कई युद्धों में अमेरिका की भागीदारी रही है, जिनमें पाकिस्तान और भारत सहित सात अन्य युद्ध शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिन युद्धों को उन्होंने नियंत्रित किया, उनमें अब केवल एक ही युद्ध बचा है और उन्हें उम्मीद है कि इसे भी सुलझाया जाएगा।
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रूस पर लगाए गए नए प्रतिबंधों के बारे में ट्रंप ने कहा, "आज का दिन बहुत बड़ा है। ये बहुत बड़े और प्रभावशाली प्रतिबंध हैं। ये उनके दो बड़े तेल कंपनियों के खिलाफ हैं। हमें उम्मीद है कि युद्ध का समाधान होगा। हाल ही में वहां लगभग 8,000 सैनिक मारे गए हैं, जिनमें कई रूसी और यूक्रेनी शामिल हैं। हमें लगता है कि यह स्थिति असमर्थनीय है और हमें उम्मीद है कि यह समाप्त हो जाए। मुझे लगता है कि दोनों पक्ष इस समय शांति चाहते हैं। यह युद्ध लगभग चार साल से चल रहा है। यदि मैं राष्ट्रपति होता, तो यह कभी शुरू नहीं होता।"
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