फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ड्रैगन का दोगलापन: भारत की सीमा के पास काउंटी बनाने के पीछे मंशा क्या? विदेश मंत्रालय दे चुका है दो-टूक जवाब

Mon, 13 Apr 2026 09:23 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

काराकोरम पर्वत शृंखला के पास स्थिति शिनजियांग में सेनलिंग काउंटी चीन की सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। हालांकि, पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमाओं के साथ-साथ भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के विवादित पश्चिमी क्षेत्र से इसकी निकटता ने माहौल गरमा दिया है।
विज्ञापन
चीन ने पीओके के पास बनाई नई काउंटी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूरी दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता पर थीं। इसी बीच चीन ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और अफगानिस्तान की सीमा के पास एक नई चाल चल दी है। चीन ने इस सीमा पर अपने शिनजियांग प्रांत में एक तीसरा प्रशासनिक प्रभाग (काउंटी) स्थापित किया है। भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
विज्ञापन


शिनजियांग प्रांत की यह नई काउंटी चीन को दक्षिण और मध्य एशिया से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों पर स्थित है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम बीजिंग के सुदूर पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों में शासन और सुरक्षा पर केंद्रित होने को दर्शाता है।

ये भी पढ़ें: ट्रंप का विवादित सोशल मीडिया पोस्ट: अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद को जीसस की तरह दिखाया, पहले भी कर चुके हैं ऐसा
विज्ञापन


चीन के लिए क्यों खास है ये इलाका?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, सेनलिंग नामक इस नए काउंटी को शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र की सरकार ने 26 मार्च को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी थी। यह काशगर प्रांत के अधिकार क्षेत्र में आएगा। प्राचीन सिल्क रोड पर स्थित एक ऐतिहासिक शहर काशगर, चीन को दक्षिण और मध्य एशिया से जोड़ने वाला एक रणनीतिक प्रवेश द्वार है। यह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का शुरुआती बिंदु भी है, जो बेल्ट एंड रोड पहल का एक महत्वपूर्ण घटक है।

भारत ने जताई आपत्ति
भारत ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया चीन की ओर से अफगानिस्तान, अरुणाचल प्रदेश व पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की सीमाओं से सटे अपने शिनजियांग प्रांत में प्रशासनिक प्रभाग (काउंटी) स्थापित करने की खबरों के बीच दी है।

काराकोरम पर्वत श्रृंखला के निकट इस इकाई का गठन अफगानिस्तान और पीओके दोनों से नजदीकी के कारण महत्वपूर्ण भूराजनीतिक महत्व रखता है। एक साल से कम में चीन ने तीसरी बार शिनजियांग में नया काउंटी बनाया है। भारत ने पहले भी चीन के समक्ष हेन और हेकांग काउंटी के गठन पर यह कहते हुए औपचारिक आपत्ति जताई थी कि इस भूमि का कुछ हिस्सा लद्दाख का अंग है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: 'अनोखी जोड़ी': ईरान-US के बीच शांति वार्ता विफल रही, ट्रंप ने PM शहबाज और मुनीर की तारीफ में कसीदे क्यों पढ़े?

हेन काउंटी में अक्साई चिन का बड़ा हिस्सा शामिल
हेन काउंटी में अक्साई चिन पठार का बड़ा हिस्सा शामिल है। हालांकि, यह क्षेत्र 1962 के संघर्ष के बाद से चीनी प्रशासन के अधीन है। भारत इसे लद्दाख का अभिन्न अंग मानता है, जिससे यह द्विपक्षीय मतभेद का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें