संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कार्यों की समन्वय एजेंसी – OCHA की वरिष्ठ अधिकारी जॉयस म्सूया ने सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों के राजदूतों से कहा कि पर्याप्त धन की कमी के भीषण परिणाम हो रहे हैं, जिनमें बच्चों का बड़ी संख्या में स्कूलों से बाहर होना, कुपोषण की उच्च दर और सहायता व संरक्षण के कम कार्यक्रमों का होना शामिल है। अगर हमने अभी ठोस कार्रवाई नहीं की तो सीरिया के बच्चों की एक पूरी पीढ़ी का भविष्य दांव पर है। उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि सुरक्षा परिषद सीरिया में जीवन-रक्षक मानवीय सहायता की जिम्मेदारी उठाएं।
जॉयस म्सूया के साथ-साथ सीरिया के लिए विशेष दूत गियर पैडरसन ने भी सुरक्षा परिषद को देश की ताजा स्थिति से अवगत कराया।
दोनों ने सुरक्षा परिषद को बताया कि हाल के महीनों में सैन्य गतिविधियां बढ़ने के चिंताजनक संकेत नजर आ रहे हैं, जबकि युद्ध समाप्त करने के लिए शांति प्रक्रिया को बहाल करने के कोई संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं।
जरूरतमन्दों तक पहुंच
जॉयस म्सूया ने कहा कि सीरिया में 11 वर्ष से भी ज्यादा समय से जारी गृहयुद्ध से सम्बद्ध तमाम पक्षों की जिम्मेदारी है कि वे सभी जरूरतमन्द लोगों तक निर्बाध मानवीय सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सीरिया सरकार और उसके अंतरराष्ट्रीय समर्थकों से भी सहायता सामग्री की पहुंच आसान बनाने के विषय में कहा, जिनमें रूस, विद्रोही गुट, कुर्दिश लड़ाके और अन्य पक्ष शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि वैसे तो इस मानवीय सहायता की तत्काल आवश्यकता है, मगर तापमान गिरने पर इसकी जरूरत और ज्यादा होगी और हमें अपने सहायता कार्यक्रमों की रणनीति बदलनी होगी। हम जानते हैं कि सीरिया में सर्दियों के दौरान कठिनाइयां और बढ़ेंगी। हम लोगों की मदद करने के लिए कृतसंकल्प हैं। हमें यह सहायता कार्यक्रम जारी रखने के लिए, आपके समर्थन की आवश्यकता है।
उन्होंने ध्यान दिलाया कि पश्चिमोत्तर के विद्रोही नियंत्रण वाले इलाकों और आइसिस आतंकवादी लड़ाकों के हजारों परिजनों को रखे जाने वाले शिविरों में हिंसा में बढ़ोत्तरी देखी गई है। हिंसा में सीरियाई बच्चों की जिन्दगियां या तो समाप्त हो रही हैं या फिर हमेशा के लिए बदल रही हैं। हिंसा से और ज्यादा हिंसा होने का भय फैलता है और दोनों ही परिस्थितियों में लोग सुरक्षा के लिए अन्यत्र भागने को मजबूर होते हैं। हम ऐसे नए वक्तव्य और खबरें पढ़ते हैं कि सीरिया के उत्तरी हिस्से में किसी सैन्य अभियान की तैयारियां हो रही हैं, ऐसे में पहले ही विस्थापन शुरू हो जाता है।
उन्होंने सुरक्षा परिषद के सदस्यों से युद्ध के नियमों का सम्मान सुनिश्चित करने और उल्लंघन के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की है।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)