चीन-अमेरिका तनाव के बीच शुरू हुआ सम्मेलन
डब्ल्यूएचओ का सम्मेलन पहली बार ऑनलाइन माध्यम हो रहा है और वह भी ऐसे माहौल में जब चीन-अमेरिका के बीच का तनाव कोविड-19 संकट से निपटने के मजबूत कदमों को पटरी से उतार सकता है। अमूमन तीन सप्ताह का यह सम्मेलन इस बार सिर्फ दो दिन सोमवार और मंगलवार को आयोजित हो रहा है। सम्मेलन में दुनिया भर की सरकारों के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य मंत्री और अन्य पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
हर्षवर्धन ने किया भारत का प्रतिनिधित्व
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को 73वें विश्व स्वास्थ्य सभा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत का प्रतिनिधित्व किया।
चीन के दबाव में ताइवान को नहीं किया गया आमंत्रित
ताइवान को कई वर्षों तक इस सम्मेलन में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होने का निमंत्रण मिलता रहा है लेकिन 2016 में इसे बंद कर दिया गया क्योंकि ताइवानी राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने देश को चीन का हिस्सा मानने की अवधारणा को मान्यता देने से इनकार कर दिया है। बेलीज, ग्वाटेमाला समेत 15 देशों ने डब्ल्यूएचओ प्रमुख को इस एजेंडे में ताइवान की भागीदारी के सवाल को शामिल करने के लिए पत्र लिखा है। हालांकि ऐसा करने वालों में अमेरिका शामिल नहीं है। चीन के दबाव के चलते इस बार भी ताइवान को आमंत्रित नहीं किया गया है। इसकी जानकारी ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने दी है।