बच्चों और किशोरों में पतेदिक (टीबी) को समाप्त करने के लिए अब प्रभावित गर्भवती, प्रसवोत्तर महिलाओं पर फोकस किया जाएगा। क्योंकि प्रतिरक्षाविज्ञानी गर्भावस्था वाली महिलाओं की अपेक्षा गैर-गर्भवती महिलाओं को अव्यक्त टीबी संक्रमण या डे नोवो संक्रमण की सक्रियता को अधिक संभावित मानते हैं। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपने 2023 के संशोधित रोडमैप में पहली बार प्रभावित गर्भवती, प्रसवोत्तर महिलाओं पर ध्यान केंद्रित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि तीसरे चरण के परीक्षणों के पूरा होने से पहले सभी नई टीबी दवाओं (संवेदनशील व प्रतिरोधी) और टीकों के लिए समर्पित सुरक्षा अध्ययन में मातृ, गर्भावस्था, जन्म और शिशु परिणामों को शामिल करना अनिवार्य है। ऐसा करने पर प्रभावित देश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ पाएंगे। मातृ तपेदिक के बोझ का अनुमान लगाने और लक्षित उद्देश्य प्राप्त करने के लिए समय-समय पर इसका मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण है।
2027 तक 90% टीबी पीड़ितों के इलाज का लक्ष्य
रिपोर्ट में कहा कि 2027 तक टीबी से पीड़ित लगभग 90 प्रतिशत लोगों का निदान और इलाज किया जाना चाहिए। इसके तहत 2023 से 2027 के बीच 4 करोड़ 50 लाख लोगों को जीवन रक्षक उपचार प्रदान करना, जिनमें करीब 45 लाख बच्चे और दवा प्रतिरोधी तपेदिक से पीड़ित डेढ़ लाख लोग शामिल हैं।
90% बच्चों की मौत इलाज नहीं मिलने से हुई
रिपोर्ट के अनुसार 2022 में टीबी से होने वाली 13 लाख मौतों में से 2 लाख 14 हजार मौतें 14 साल और उससे कम उम्र के बच्चों की थीं। निष्कर्षों से पता चला कि 96 प्रतिशत मौतें उन बच्चों की हुईं जिन्हें टीबी का इलाज नहीं मिला।
सटीक डाटा संग्रह से लक्ष्य पाने में मिलेगी मदद
लक्ष्य हासिल करने के लिए उचित और कठोर परिचालन अनुसंधान वैश्विक रजिस्ट्रियों में डाटा संग्रह को सटीक बनाएगा। यह प्रक्रिया जन्म दोषों सहित असामान्य तथा प्रतिकूल मातृ स्वास्थ्य, गर्भावस्था एवं जन्म परिणामों का व्यवस्थित और तेजी से पता लगाने में सक्षम होगी।
जन्मजात टीबी दुर्लभ नहीं
जन्मजात टीबी को दुर्लभ माना जाता है जबकि उच्च एचआईवी बोझ सेटिंग्स के डेटा से पता चला है कि यह तथ्य गलत है। अब संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की देखरेख में एक प्रणाली स्थापित की जाएगी, जिससे उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं नियमित राष्ट्रीय तपेदिक नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीपी) स्क्रीनिंग स्टेशनों पर आ सकें।