पहले जानें- कौन हैं निकोलस मादुरो?
1. एक बस ड्राइवर, राजनीति में उड़ा जिसका मजाक
बताया जाता है कि निकोलस मादुरो राजनीति में आने से पहले राजधानी काराकास में एक बस ड्राइवर थे। अपने इसी पेशे के दौरान ही पहली बार उनका राजनीति से परिचय तब हुआ, जब उन्हें बस ड्राइवरों की यूनियन का नेता चुना गया। बताया जाता है कि यूनियन लीडर के तौर पर उन्होंने कई प्रदर्शनों में अहम भूमिका निभाई और एक वाम नेता के तौर पर स्थापित हुए।
1992 में जब वेनेजुएला में सैन्य अफसर रह चुके ह्यूगो शावेज ने सरकार के तख्तापलट की असफल कोशिश की तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। इस घटना के बाद निकोलस मादुरो ने जोर-शोर से शावेज को जेल से निकालने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति कार्लोस आंद्रेस पेरेज के खिलाफ आंदोलन किया। ऐसे में दबाव के बाद जब पेरेज सरकार ने शावेज को छोड़ा तो वह मादुरो ही थे, जिन्होंने ह्यूगो शावेज को राजनीतिक तौर पर खड़े होने में मदद की। दोनों ने अपना विपक्षी दल फिफ्थ रिपब्लिक मूवमेंट स्थापित किया।
मजेदार बात यह है कि राजनीति में जब मादुरो की एंट्री हुई थी, तब अधिकतर नेता उनकी बस ड्राइवर की पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाते रहे थे। हालांकि, मादुरो ने इसका फायदा उठाया और अपनी पृष्ठभूमि के जरिए खुद की छवि जनता के आदमी के तौर पर पेश की।
2020
- मई में एक बार फिर मादुरो ने दावा किया कि दो अमेरिकी नागरिकों- ल्यूक डेनमैन और एरैन बेरी को पकड़ा गया है, जो कि उनके खिलाफ तख्तापलट की साजिश रच रहे थे। दोनों को वेनेजुएला में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई।
4. बाइडन के शासन में मिली छूट
ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद बाइडन प्रशासन ने अधिकतर प्रतिबंधों को बरकरार रखा और मादुरो को वैध राष्ट्रपति के रूप में मान्यता नहीं दी। हालांकि, 2023 में बाइडन प्रशासन ने चुनावी सुधारों के वादे के बदले प्रतिबंधों में कुछ ढील दी थी।