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कौन हैं निकोलस मादुरो?: बस ड्राइवर जो बना वेनेजुएला का राष्ट्रपति, अमेरिका से क्यों हुई तनातनी, जानें

Sat, 03 Jan 2026 04:46 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिका ने जिन वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बंधक बनाया है, वे कौन हैं? वेनेजुएला की राजनीति में उनकी क्या भूमिका रही है? अमेरिकी सरकार उनसे किस बात पर नाराज रही है? इसके अलावा ट्रंप प्रशासन की ऐसी क्या नाराजगी थी कि वेनेजुएला पर कार्रवाई के साथ मादुरो को कैद करने जैसा कदम उठाया गया? आइये जानते हैं...
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वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला पर जबरदस्त हमला बोला। वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर की गईं एयरस्ट्राइक के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें बड़े बम विस्फोट और आग भड़कते देखा जा सकता है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी बलों ने कैद कर लिया है और उन्हें देश से बाहर भेज दिया गया है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि उन्हें कहां कैद कर रखा जाएगा, लेकिन दुनियाभर में अमेरिका के इस कदम को लेकर चिंताएं जाहिर की गई हैं। 
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इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह जानना अहम है कि अमेरिका ने जिन वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बंधक बनाया है, वे कौन हैं? वेनेजुएला की राजनीति में उनकी क्या भूमिका रही है? अमेरिकी सरकार उनसे किस बात पर नाराज रही है? इसके अलावा ट्रंप प्रशासन की ऐसी क्या नाराजगी थी कि वेनेजुएला पर कार्रवाई के साथ मादुरो को कैद करने जैसा कदम उठाया गया? आइये जानते हैं...

पहले जानें- कौन हैं निकोलस मादुरो?

1. एक बस ड्राइवर, राजनीति में उड़ा जिसका मजाक
बताया जाता है कि निकोलस मादुरो राजनीति में आने से पहले राजधानी काराकास में एक बस ड्राइवर थे। अपने इसी पेशे के दौरान ही पहली बार उनका राजनीति से परिचय तब हुआ, जब उन्हें बस ड्राइवरों की यूनियन का नेता चुना गया। बताया जाता है कि यूनियन लीडर के तौर पर उन्होंने कई प्रदर्शनों में अहम भूमिका निभाई और एक वाम नेता के तौर पर स्थापित हुए। 



1992 में जब वेनेजुएला में सैन्य अफसर रह चुके ह्यूगो शावेज ने सरकार के तख्तापलट की असफल कोशिश की तो उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। इस घटना के बाद निकोलस मादुरो ने जोर-शोर से शावेज को जेल से निकालने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति कार्लोस आंद्रेस पेरेज के खिलाफ आंदोलन किया। ऐसे में दबाव के बाद जब पेरेज सरकार ने शावेज को छोड़ा तो वह मादुरो ही थे, जिन्होंने ह्यूगो शावेज को राजनीतिक तौर पर खड़े होने में मदद की। दोनों ने अपना विपक्षी दल फिफ्थ रिपब्लिक मूवमेंट स्थापित किया।

मजेदार बात यह है कि राजनीति में जब मादुरो की एंट्री हुई थी, तब अधिकतर नेता उनकी बस ड्राइवर की पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाते रहे थे। हालांकि, मादुरो ने इसका फायदा उठाया और अपनी पृष्ठभूमि के जरिए खुद की छवि जनता के आदमी के तौर पर पेश की। 

2. राष्ट्रपति बनते ही बने अमेरिका की आंखों का कांटा
  • सितंबर 2013 में जब मादुरो वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने तो उनके पहले कुछ फैसलों में से एक फैसला अमेरिकी राजनयिकों को देश छोड़ने के आदेश से जुड़ा था। मादुरो का आरोप था कि अमेरिकी राजनयिक वेनेजुएला में कई बिजली ग्रिडों को फेल करने की घटना में शामिल रहे। 
  • 2014 में जब वेनेजुएला में आर्थिक संकट को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की आग पूरे देश में फैल गई। इस दौरान मादुरो ने आंदोलन में विदेशी हस्तक्षेप की आशंका जताते हुए कई मीडिया चैनलों की एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया। इसका पश्चिमी देशों ने विरोध किया।
  • इसी साल मादुरो ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा को चुनौती दी कि वे वेनेजुएला से सीधी और स्पष्ट बात करें। हालांकि, अमेरिका की ओर से 2015 में वेनेजुएला पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए गए। 


ये भी पढ़ें: अमेरिका ने क्यों बोला वेनेजुएला पर हमला: ट्रंप ने क्यों दिया हमले का आदेश; दक्षिण अमेरिकी देश से क्या दुश्मनी?
 

3. जब ट्रंप की नजरों में चढ़े मादुरो

2018 
  • वेनेजुएला में हुए चुनाव में मादुरो की जीत हुई। हालांकि, ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिका और कई पश्चिमी देशों ने इस जीत को धोखाधड़ी करार दे दिया। अमेरिका का दावा है कि मादुरो ने लोकतंत्र को खत्म कर तानाशाही स्थापित की।
  • अगस्त में जब मादुरो एक सैन्य परेड में हिस्सा ले रहे थे, उसी दौरान कई विस्फोटक लदे ड्रोन्स के जरिए काराकास में हमला बोल दिया गया। गृह मंत्री ने अगले दिन एलान किया कि इस घटना में मादुरो सुरक्षित हैं और कुछ गिरफ्तारियां हुईं हैं।
  • सितंबर में अमेरिकी खुफिया एजेंसी और वेनेजुएला की सेना के कुछ अधिकारियों के बीच मादुरो के तख्तापलट को लेकर चर्चाओं की खबरें सामने आईं। हालांकि, अमेरिका की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई।

2019 
  • जनवरी में वेनेजुएला में अमेरिकी समर्थित नेता हुआन गाइदो ने खुद को वेनेजुएला का राष्ट्रपति घोषित कर लिया। ट्रंप की सरकार ने उन्हें वैध राष्ट्रपति के तौर पर मान्यता दी। मादुरो ने इसे तख्तापलट की कोशिश करार देते हुए अमेरिकी राजनयिकों को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया। 
  • अप्रैल में राष्ट्रपति मादुरो ने राष्ट्र के नाम संबोधन में बताया कि उनके वफादार सैनिकों ने तख्तापलट की कोशिशों को नाकाम कर दिया। उन्होंने इन कोशिशों के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, उनके एनएसए जॉन बोल्टन को जिम्मेदार बताया।

2020
  • मई में एक बार फिर मादुरो ने दावा किया कि दो अमेरिकी नागरिकों- ल्यूक डेनमैन और एरैन बेरी को पकड़ा गया है, जो कि उनके खिलाफ तख्तापलट की साजिश रच रहे थे। दोनों को वेनेजुएला में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई। 
4. बाइडन के शासन में मिली छूट
ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद बाइडन प्रशासन ने अधिकतर प्रतिबंधों को बरकरार रखा और मादुरो को वैध राष्ट्रपति के रूप में मान्यता नहीं दी। हालांकि, 2023 में बाइडन प्रशासन ने चुनावी सुधारों के वादे के बदले प्रतिबंधों में कुछ ढील दी थी। 

5. सत्ता में लौटे ट्रंप, मादुरो के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
  • जनवरी 2025 में ट्रंप के सत्ता में लौटते ही अमेरिका ने मादुरो पर आरोप लगाया कि वे एक आपराधिक नेटवर्क चला रहे हैं, जो अमेरिका में कोकीन और अन्य ड्रग्स की तस्करी करता है। इसके बाद ट्रंप ने इसे बहाना बनाते हुए वेनेजुएला से निकलने वाली नावों पर हमला बोला। इसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इतना ही नहीं ट्रंप ने खुले तौर पर वेनेजुएला के खिलाफ अपनी खुफिया एजेंसी- सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) को अभियान चलाने का आदेश दिया। 
  • इस दौरान अमेरिका ने नार्को आतंकवाद का आरोप लगाते हुए वेनेजुएला की घेरेबंदी की शुरुआत कर दी। ट्रंप प्रशासन ने युद्धपोत के साथ हजारों सैनिकों की तैनाती दक्षिण अमेरिका और कैरिबियाई सागर के आसपास कर दी। इस तरह वेनेजुएला से आने-जाने वाले तेल टैंकरों को पकड़ने की कार्रवाई की गई और आर्थिक तौर पर वेनेजुएला को कमजोर करना शुरू किया गया।
  • अब ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने वेनेजुएला में नशीली दवा के अड्डों और ठिकानों पर दर्जनों सैन्य हमले करने का दावा किया है। ट्रंप प्रशासन ने बताया है कि अमेरिकी विशेष बलों (डेल्टा फोर्स) ने मादुरो को पकड़ने के लिए सीधा अभियान चलाया है, क्योंकि वे मादुरो को एक वैध राष्ट्रपति के बजाय एक 'नार्को-क्रिमिनल' मानते हैं। इसके बाद ट्रंप ने जानकारी दी कि मादुरो और उनकी पत्नी को बंधक बना लिया गया है।


 
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