भारतीय मूल के 40 वर्षीय सुहास सुब्रमण्यम अमेरिका के वर्जीनिया से दूसरी बार प्रतिनिधि सभा के सदस्य चुने गए हैं। ह्यूस्टन में जन्मे सुहास ने राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में तकनीकी नीति सलाहकार के रूप में काम किया। आइए जानते हैं उनके बारे में
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
भारतीय मूल के सुहास सुब्रमणयम को एक बार फिर से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में चुन लिया गया है। 40 वर्षीय सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की। उन्हें 61.5 प्रतिशत से अधिक वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन डेव बेकविथ को 36.4 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए।
विज्ञापन
ह्यूस्टन में हुआ जन्म
भारतीय माता-पिता की संतान सुब्रमण्यम का जन्म ह्यूस्टन में हुआ था। न्यू ऑरलियन्स की ट्यूलेन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाज सेवा सीखा। वहां उन्होंने 'हरिकेन कैटरीना' से प्रभावित समुदायों के पुनर्निर्माण के लिए स्वयंसेवकों को संगठित करने में मदद की।
उन्होंने कैपिटल हिल में पॉलिसी सहयोगी के रूप में काम किया। वहां उन्होंने लाखों अमेरिकियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने और उसे बेहतर बनाने का काम किया, आव्रजन सुधार के समर्थन में दोनों दलों का गठबंधन बनाने में मदद की, और पूर्व सैनिकों, बुजुर्गों तथा कामकाजी परिवारों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और फंडिंग जुटाने से जुड़े कानून का मसौदा तैयार किया।
विज्ञापन
व्हाइट हाउस के तकनीकी नीति सलाहकार रहे
नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से ऑनर्स के साथ लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद, सुब्रमण्यम ने राष्ट्रपति ओबामा के व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी पॉलिसी सलाहकार के रूप में काम किया। व्हाइट हाउस में अपने कार्यकाल के बाद, सुब्रमण्यम ने लाउडन काउंटी में अपना छोटा व्यवसाय शुरू किया और साथ ही एक स्वयंसेवक ईएमटी (आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन) और फायरफाइटर के रूप में भी सेवाएं दीं।
2019 में वर्जीनिया की विधानसभा के लिए चुने गए
सुब्रमण्यम 2019 में वर्जीनिया जनरल असेंबली के लिए चुने गए थे और उन्होंने वहां दो कार्यकाल पूरे किए। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए 2024 में चुने जाने से पहले वह वर्जीनिया राज्य सीनेट के सदस्य भी रहे थे। अब वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा जीत हासिल कर उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपना स्थान बरकरार रखा है।