न्यूयॉर्क में मेक्सिको के ड्रग तस्कर ख्वाकीन अल चैपो गूसमैन पर मुकदमा बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो रहा है। अति सुरक्षित जेल से एक सुरंग के जरिए फरार होने के पांच महीने बाद जनवरी 2016 में गजमैन को फिर से गिरफ्तार किया गया था।
अभियोजकों का कहना है कि अमेरिका में ड्रग्स की सर्वाधिक सप्लाई करने वाले सिनालोआ ड्रग कार्टेल के पीछे गूसमैन का ही दिमाग है। माना जा रहा है कि उनके एक करीबी पूर्व सहयोगी के अलावा कई और लोग उनके खिलाफ अदालत में गवाही देंगे।
कौन हैं अल चैपो?
ख्वाकीन गूसमैन का जन्म 1957 में एक किसान परिवार में हुआ था। वो अफीम और गांजे की खेतों पर काम करते थे और यहीं से उन्होंने ड्रग तस्करी के गुर सीखे। इसके बाद वो 'द गॉडफादर' के नाम से चर्चित और शक्तिशाली ग्वाडालाजारा कार्टेल के प्रमुख मिगेल एंजेल फेलिक्स गैलार्डो के चेले बने और तस्करी की बारीकियां सीखीं।
5 फुट 6 इंट लंबे गूसमैन को शॉर्टी भी कहा जाता है। वो 1980 के दशक में उत्तर-पश्चिमी मेक्सिको में प्रभावशाली सिनालोआ कार्टेल के शीर्ष तक पहुंच गए।
ये अमेरिका को ड्रग तस्करी करने वाला सबसे बड़ा समूह बन गया और साल 2009 में फोर्ब्स पत्रिका ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 701वें नंबर पर गजमैन को शामिल किया। उस समय उनकी कुल संपत्तियां करीब एक अरब डॉलर की थीं।
साल 1993 में एक प्रतिद्वंदी गैंग ने उन पर हमला किया था, लेकिन वो इसमें बाल-बाल बच गए थे। हालांकि इसी साल उन्हें एक व्यापक अभियान के बाद ग्वाटेमाला से गिरफ्तार किया गया था।
इस दौरान वो अति सुरक्षा वाली जेलों में रहे। साल 2001 में एक सुरक्षागार्ड की मदद से वो जेल से फरार हो गए। गूसमैन को दोबारा पकड़ने के लिए कई देशों में अभियान चलते रहे, लेकिन वो साल 2014 तक फरार रहे। फरवरी 2014 में उन्हें फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।
वो एक बार फिर जेल से फरार हुए, लेकिन जनवरी 2016 में दोबारा गिरफ्तार कर लिए गए और उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। उन्हें अल रैपिडो, शॉर्टी, एल सेनोर, एल येफे, नाना, आपा, पापा और इंगे के उपनामों से भी जाना जाता है।