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Israel: कौन हैं बेन ग्वीर? युद्धविराम समझौते के विरोध में जिनके इस्तीफे से नेतन्याहू सरकार पर मंडराने लगा खतरा

Sun, 19 Jan 2025 07:13 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम

सार

बेन ग्विर को नस्लवाद और आतंकी संगठन का समर्थन करने के लिए आठ बार दोषी ठहराया गया था। उनके उग्र विचार के कारण उन्हें सेना ने अनिवार्य सैन्य सेवा से प्रतिबंधित कर दिया था।
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इटमार बेन ग्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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इस्राइल-हमास के बीच युद्धविराम समझौते के विरोध में इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के मंत्री इटमार बेन ग्वीर ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे से युद्धविराम समझौते को कोई खतरा नहीं है, लेकिन यह नेतन्याहू के सत्तारूढ़ गठबंधन को कमजोर कर रहा है। अगर अन्य दक्षिणपंथी सांसदों ने भी ग्वीर से प्रेरित होकर सरकार का साथ छोड़ दिया तो प्रधानमंत्री नेतन्याहू संसदीय बहुमत खो देंगे। इससे सरकार को शीघ्र चुनाव के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 
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ग्वीर क्यों कर रहें युद्धविराम समझौते का विरोध?
युद्धविराम से युद्ध रुक जाएगा और गाजा में हमास द्वारा बंधक बनाए गए बंधकों की रिहाई होगी। बेन ग्वीर इस युद्धविराम समझौते का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि बदले में इस्राइल को सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों को रिहा करना होगा। इसके अलावा मिस्र के साथ गाजा के दक्षिणी सीमा से सेनाओं को वापस बुलाना होगा। इससे गाजा पर हमास का दबदबा होगा। 

इस्तीफा देने के साथ बेन ग्वीर ने युद्धविराम समझौते को जल्दबाजी बताया। उन्होंने कहा यह इस्राइल की सभी उपलब्धियों को नष्ट कर देगा। ग्वीर ने इस्राइल के सबसे संवेदनशील पवित्र स्थल यरुशलम का पिछले महीने समेत कई बार दौरा किया। जुलाई में ऐसी ही एक यात्रा के दौरान उन्होंने बताया कि वे बंधकों की वापसी के लिए प्रार्थना करने आए थे। 
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उग्र स्वाभाव के थे बेन ग्वीर
बेन ग्विर को नस्लवाद और आतंकी संगठन का समर्थन करने के लिए आठ बार दोषी ठहराया गया था। उनके उग्र विचार के कारण उन्हें सेना ने अनिवार्य सैन्य सेवा से प्रतिबंधित कर दिया था। वे पहली बार सुर्खियों में तब आए थे, जब उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री यित्जाक राबिन की कार से 1995 में हूड का आभूषण तोड़ दिया। इसके दो साल बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन चलाने का अभियान चलाया। उनके विरोध प्रदर्शन के कारण आयरिश सिंगर सिनैड ओ कॉनर को अपना कॉन्सर्ट रद्द करना पड़ा था। 

बेन ग्वीर को एक वकील के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने फलस्तीनियों के खिलाफ हिंसा के आरोपी यहूदियों के लिए एक सफल वकील बनकर उभरे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। साल 2021 में पहली बार वे सांसद चुने गए। बेन ग्वीर ने अपने राजनीतिक विरोधियों को निर्वासित करने का आह्वान किया। उन्होंने पुलिस को तनावपूर्ण यरुशलम में फलस्तीनी पत्थरबाजों पर गोलियां चचाने के लिए प्रोत्साहित किया। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री के रूप में बेन ग्वीर ने पुलिस को सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का आदेश दिया था। 

2022 में मिला कैबिनेट पद
2022 के चुनाव के बाद बेन ग्वीर को कैबिनेट पद मिला। इस चुनाव से पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि पिछले साल से मैं इस्राइल को सुरक्षित करने के मिशन पर हूं। लाखों नागरिक सत्ता में दक्षिणपंथी सरकार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मंत्री के तौर पर बेन ग्वीर हमेशा विवादों में घिरे रहें। मई में बेन ग्वीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की आलोचना की थी। दरअसल, बाइडन ने इस्राइल की तरफ से राफा पर हमला करने पर सैन्य सुरक्षा रोकने की धमकी दी थी। इस पर बेन ग्वीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक दिल वाले इमोजी का इस्तेमाल करते हुए लिखा था कि हमास बाइडन से प्यार करता है। 

ग्वीर के इस्तीफे से बेंजामिन नेतन्याहू सरकार को खतरा
बेन ग्वीर के मंत्रीमंडल से इस्तीफा देने से युद्धविराम समझौते को कोई खतरा नहीं है। नेतन्याहू सरकार के पास अभी भी सत्ता बनाए रखने के लिए संसदीय बहुमत है। अगर अन्य सांसद बेन ग्वीर से प्रेरित हो गए तब नेतन्याहू की सरकार गिर सकती है। विपक्षी नेता यायर लैपिड ने कहा कि वे नेतन्याहू को एक राजनीतिक सुरक्षा प्रदान करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार इस युद्धविराम समझौते से न गिरे। इस्राइल के एक वरिष्ठ विश्लेषक मैराव जोंस्जेन ने बताया कि नेतन्याहू की विपक्षी नेता यायर लैपिड के साथ कोई तालमेल नहीं है। ऐसे में इस तरह की साझेदारी युद्धविराम के बाद भी नहीं टिकने वाली है। उन्हें एक साथ काम करने में कठिनाई होगी
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