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मास्क का 95 फीसदी इस्तेमाल होने लगता तो नहीं पड़ती लॉकडाउन की जरूरत: डब्ल्यूएचओ

Thu, 19 Nov 2020 05:38 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के यूरोप प्रमुख का कहना है कि अगर मास्क का 95 फीसदी इस्तेमाल होने लगता तो नए लॉकडाउन की जरूरत नहीं पड़ती। डब्ल्यूएचओ के यूरोप कार्यालय के प्रमुख हांस क्लूग ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों में लगाए गए लॉकडाउन को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि इसे कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अंतिम मानक या हथियार के तौर पर देखा जाना चाहिए।

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उन्होंने कहा, 'मास्क का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में 'रामबाण' नहीं है, और इसे अन्य मानकों के साथ प्रयोग किया जाना चाहिए। हालांकि, अगर मास्क का इस्तेमाल 95 फीसदी तक पहुंच जाता तो लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।' क्लूग ने आगे कहा कि प्राइमरी स्कूलों को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान खुला रखना चाहिए। क्योंकि, बच्चे संक्रमण नहीं फैला रहे हैं और स्कूल बंद रखना प्रभावी कदम नहीं है।



लॉकडाउन की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए क्लूग ने यह भी कहा कि बहुत जल्दी प्रतिबंधों में राहत नहीं देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ, यूरोप एक बार फिर वैश्विक महामारी का केंद्र बन गया है। यह इस बात की चेतावनी है कि कुछ महाद्वीपों की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं संघर्ष कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वैक्सीन जरूरी है लेकिन हमे ंयह समझना होगा कि कम से कम शुरुआती दौर में वैक्सीन की संख्या सीमित ही रहेगी।
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बता दें कि बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि पिछले सप्ताह दुनियाभर में सामने आए करीब 40 लाख कोरोना संक्रमण के मामलों में लगभग आधे यूरोप में सामने आए थे। नए मामलों में सबसे ज्यादा तेजी ऑस्ट्रिया में देखी गई, जहां पिछले सप्ताह की तुलना में नए मामलों में 30 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। इसके अलावा ब्रिटेन, यूरोप का पहला ऐसा देश बन गया है जहां कोविड से 50 हजार से ज्यादा की मौत हुई है।

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