विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की शीर्ष वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने गुरुवार को कहा कि कोरोना की वैक्सीन को लेकर एजेंसी आशावादी है। इस वर्ष के अंत से पहले कोविड -19 के टीके उपलब्ध हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ को अगले साल के अंत तक कोरोना वायरस (कोविड-19) वैक्सीन की लगभग दो अरब खुराकें तैयार होने की उम्मीद है जो प्राथमिकता वाली आबादी के लिए आरक्षित होंगी। डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि यह एक बड़ी बात है क्योंकि हमारे पास अभी कोई वैक्सीन नहीं है जो प्रमाणिक हो।
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन कारगर नहीं
इससे पहले उन्होंने कहा कि यह साबित हो गया है कि मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए लोगों की मौत रोकने में कारगर नहीं है।
डॉ. सौम्या स्वामीनाथन का यह भी कहना है कि लोगों को कोविड-19 के संक्रमण की चपेट में आने से रोकने में इस दवा की भूमिका हो सकती है। इस संबंध में क्लीनिकल परीक्षण चल रहे हैं।
सौम्या ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संक्रमण के शुरू में कोविड-19 महामारी की प्रचंडता रोकने या कम करने में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की भूमिका है या नहीं।
उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किए जा रहे अन्य परीक्षणों का संदर्भ देते हुए कहा कि हम अब तक यह नहीं जानते। इसलिए बड़े पैमाने पर परीक्षण पूरे होने और आंकड़े हासिल करने की जरूरत है।