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Japan: पूर्व रक्षा मंत्री से लेकर पूर्व PM के बेटे तक चुनावी मैदान में; आखिर कौन बनेगा जापान का प्रधानमंत्री?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: काव्या मिश्रा Updated Thu, 12 Sep 2024 01:14 PM IST

सार

फुमियो किशिदा ने सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव भी नहीं लड़ने का एलान किया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि एलडीपी का नेतृत्व कौन हासिल करेगा। पार्टी की कमान मिलते ही पीएम का रास्ता खुलने की उम्मीद है।
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कौन बनेगा जापान का प्रधानमंत्री? - फोटो : अमर उजाला


बता दें, फुमियो किशिदा ने सत्ताधारी पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक (एलडीपी) की पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव भी नहीं लड़ने का एलान किया है। ऐसे में 27 सितंबर को पार्टी के नेतृत्व का चुनाव होना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि एलडीपी का नेतृत्व कौन हासिल करेगा। पार्टी की कमान मिलते ही पीएम का रास्ता खुलने की उम्मीद है। एक मीडिया चैनल ने पीएम बनने की रेस में शामिल लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों की एक सूची दी है-


पूर्व PM के बेटे मैदान में

पूर्व प्रधानमंत्री जुनिचिरो कोइजुमी के युवा बेटे और सोशल मीडिया चलाने के शौकिन शिंजिरो कोइजुमी प्रधानमंत्री की दौड़ में शामिल हैं। 2019 से 2021 तक पर्यावरण मंत्री रहे कोइजुमी ने नवीकरणीय ऊर्जा के अधिक इस्तेमाल करने का समर्थन किया।


शिंजिरो कोइजुमी जब पिता बने थे तब उन्होंने पितृत्व अवकाश भी लिया था। उन्होंने कहा था कि वह अपनी टीवी एंकर पत्नी के साथ बच्चे से जुड़े सभी कामों में हाथ बंटाना चाहते हैं। 


लेकिन यह उन्हें एलडीपी के बुजुर्गों के लिए प्रिय नहीं है, जो 43 वर्षीय कोइज़ुमी को प्रधान मंत्री बनने के लिए बहुत युवा और बहुत हल्के के रूप में देख सकते हैं। हालांकि, एलडीपी के वरिष्ठ नेता उन्हें पसंद नहीं करते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि 43 वर्षीय कोइज़ुमी प्रधानमंत्री बनने के लिए बहुत युवा और बहुत कमजोर हैं।


पांचवीं बार मैदान में शिगेरू इशिबा 

शिगेरू इशिबा एक पूर्व रक्षा मंत्री हैं, जो मतदाताओं के बीच लोकप्रिय हैं। मगर, एलडीपी सांसदों का समर्थन कम हैं। इसकी वजह से अब तक पार्टी नेता बनने के लिए की गई चार कोशिश नाकामयाब हो चुकी हैं। 


67 वर्षीय इशिबा ने बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर नीति पर सवाल उठाया है। साथ ही ग्रामीण जनसंख्या में कमी को रोकने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया। बता दें, इन्हें सैन्य मॉडल बनाना पसंद हैं, जिसमें रूसी रक्षा मंत्री की यात्रा के लिए बनाया गया सोवियत विमानवाहक पोत भी शामिल है। साथ ही रेलगाड़ियां और 1970 के दशक की पॉप मूर्तियां बनाने में भी सहयोग किया है।
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साने ताकाइची पर सबकी नजर

जापान का अगला प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में शामिल उम्मीदवारों में से दो महिलाओं का होना लैंगिक भेदभाव के कारण कुख्यात देश की राजनीति के लिए एक बड़ा कदम होगा। योको कामिकावा और साने ताकाइची पिछले 13 साल में देश की पहली महिला हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री पद के चुनाव में सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के नेतृत्व के लिए अपनी दावेदारी पेश की है।


साने ताकाइची एलडीपी के रूढ़िवादी विंग में लोकप्रिय एक मुखर राष्ट्रवादी हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की करीबी थीं। अभी भी शिंजो की हत्या कर दी गई थी, मगर उनके समर्थक अभी भी हैं, जो ताकाइची की मदद कर सकते हैं। 


63 वर्षीय ताकाइची जापान के युद्ध में मारे गए लोगों की याद में बने यासुकुनी तीर्थस्थल पर नियमित रूप से जाती हैं। इसमें दोषी युद्ध अपराधी भी शामिल हैं। इसलिए उनके नामांकन से चीन और दक्षिण कोरिया में नाराजगी की संभावना है।


आबे की तरह, ताकाइची भी आक्रामक मौद्रिक सहजता, सक्रिय राजकोषीय खर्च और परमाणु ऊर्जा का समर्थन करती हैं। बता दें, ताकाइची 2021 में भी पार्टी के नेतृत्व की दौड़ के लिए खड़ी हुई थीं। हालांकि, वह पूर्व ब्रिटिश प्रधान मंत्री और अपनी हीरो मार्गरेट थैचर के उलट हैं।


योको कामिकावा भी बन सकती हैं पहली महिला पीएम

हार्वर्ड से शिक्षा हासिल करने वाली पूर्व सलाहकार और वर्तमान विदेश मंत्री योको कामिकावा, ताकाइची के साथ दौड़ में शामिल दो महिलाओं में से एक हैं। 


न्याय मंत्री रहते हुए कामिकावा ने 16 लोगों को फांसी देने का आदेश दिया था, जिनमें 1995 में टोक्यो सबवे पर सरीन गैस हमले के लिए जिम्मेदार औम प्रलय दिवस पंथ के प्रमुख को मृत्युदंड देना भी देना शामिल था।


जापान की शीर्ष राजनयिक के रूप में, 71 वर्षीय योको ने कीव की यात्रा सहित कई प्रशंसाएं हासिल की हैं, लेकिन कथित तौर पर उन्हें उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए आवश्यक समर्थन हासिल करने में संघर्ष करना पड़ा।


डिजिटल परिवर्तन मंत्री तारो कोनो भी चुनावी मैदान में

तारो कोनो, जो वर्तमान में डिजिटल परिवर्तन मंत्री हैं। वह एक अनुभवी और मुखर सुधारवादी हैं, जिन्हें 2021 में पिछली नेतृत्व दौड़ में प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने हराया था। अमेरिका में पढ़े 61 वर्षीय कोनो ने कई मंत्री पद संभाले हैं और एक्स पर उनके 2.5 मिलियन फॉलोअर हैं। एलडीपी मानकों के अनुसार उनके विचार उदारवादी हैं।


फुकुशिमा आपदा के 13 साल बाद, उन्होंने एआई डाटा केंद्रों सहित बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा के प्रति अपने विरोध को नरम कर दिया है।


अपने गुस्से के कारण डरे हुए हैं तोशिमित्सु मोटेगी 

आबे के पूर्व गोल्फ पार्टनर तोशिमित्सु मोटेगी ने पेचीदा अमेरिकी-जापान व्यापार वार्ता को अच्छी तरह से संभाला था। उनकी अंग्रेजी भी काफी अच्छी मानी जाती है। अमेरिका से डील की वजह से उन्हें 'ट्रंप व्हिस्परर' नाम दिया गया था।


हार्वर्ड से शिक्षा प्राप्त एलडीपी महासचिव अर्थव्यवस्था और विदेश मंत्री रह चुके हैं और अपनी नीतिगत जानकारी के लिए प्रसिद्ध हैं। हालांकि, 68 वर्षीय मोटेगी के बारे में कहा जाता है कि वे जल्दी गुस्सा हो जाते हैं। इसके कारण डरे हुए हैं। यहां तक कि ट्रंप ने भी कथित तौर पर आबे से कहा था कि उन्हें लगता है कि मोटेगी बहुत सख्त हैं।


यह लोग भी चुनावी दौड़ में...

पूर्व विदेश मंत्री और वर्तमान मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कात्सुनोबु काटो और पूर्व आर्थिक सुरक्षा मंत्री ताकायुकी कोबायाशी भी दौड़ में हैं।

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