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Israel: कौन हैं चार इस्राइली महिला सैनिक? जिन्हें युद्धविराम समझौते के तहत हमास ने 15 महीने बाद किया रिहा

Sat, 25 Jan 2025 06:22 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम

सार

हमास ने चार महिला इस्राइली सैनिकों को आज 15 महीने की कैद के बाद रिहा कर दिया है। इसके बदले इस्राइल 200 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया है। इससे पहले युद्धविराम समझौते के पहले चरण में हमास ने तीन इस्राइली बंधकों और इस्राइल ने 90 फलस्तीनी कैदियों को छोड़ा था। आज रिहा की गई चारों महिला इस्राइली सैनिक कौन हैं और उन्हें कहां से कैद किया गया था, पढ़ें पूरी खबर
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हमास ने चार इस्राइली महिला सैनिकों को किया रिहा - फोटो : X / @IDF / अमर उजाला
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विस्तार
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हमास ने 15 महीने से ज्यादा समय तक कैद में रखने के बाद शनिवार को चार युवा इस्राइली महिला सैनिकों को रिहा कर दिया है। चारों की रिहाई गाजा पट्टी में युद्ध विराम के कुछ दिनों बाद हुई है। जिन महिला इस्राइली सैनिकों को रिहा किया गया है, इनके नाम करीना एरीव (20), डेनिएला गिल्बोआ (20), नामा लेवी (20) और लिरी अलबाग (19) हैं। इन को तब पकड़ा गया जब हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादियों ने 7 अक्तूबर, 2023 को नाहल ओज सैन्य अड्डे पर हमला किया था। इस दौरान वहां 60 से ज्यादा सैनिकों की हत्या भी की गई थी।
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पांच में से सिर्फ चार महिला सैनिक की गईं रिहा
हालांकि, इन चारों के यूनिट की पांचवीं महिला सैनिक, 20 वर्षीय अगम बर्गर को उनके साथ अगवा किया गया था, लेकिन उसे रिहा नहीं किया गया। बता दें कि, इन पांच महिला सैनिकों के अपहरण का वीडियो, जो सीमा पर खतरों की निगरानी करने वाले स्पॉटर के रूप में काम कर रही थीं, बड़े पैमाने पर वायरल हुआ था।

उम्मीद और डर के साथ जी रहे हैं इस्राइली
इस्राइल और हमास ने युद्ध विराम के पहले चरण में इस्राइल की तरफ से पकड़े गए लगभग 2,000 फलस्तीनी कैदियों के बदले में गाजा में 33 बंधकों की क्रमिक रिहाई पर सहमति जताई है। इस युद्धविराम के दौरान पहले तीन बंधकों को रिहा किया गया था, जिसके बदले में इस्राइल की तरफ से पकड़े गए 90 फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया था। युद्धविराम और बंधकों की रिहाई ने इस्राइलियों में उम्मीद और डर दोनों जगाए हैं। कई लोगों को चिंता है कि सभी बंधकों के लौटने से पहले ही युद्धविराम टूट सकता है, या रिहा किए गए लोग बुरे हाल में पहुंचेंगे। दूसरों को चिंता है कि मरने वाले बंदियों की संख्या अपेक्षा से अधिक हो सकती है।

15 महीने तक युद्ध चला, भीषण नरसंहार
7 अक्तूबर, 2023 को हमास के हमले के दौरान लगभग 250 लोगों का अपहरण कर लिया गया था, जिसके बाद 15 महीने तक युद्ध चला। गाजा में 90 से अधिक बंधक अभी भी हैं, हालांकि माना जाता है कि कम से कम एक तिहाई की मौत हो गई है। अन्य को रिहा कर दिया गया, बचा लिया गया या उनके शव बरामद किए गए। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइल के सैन्य अभियान में 47,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं, हालांकि मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि कितने लड़ाके थे, लेकिन कहा कि आधे से अधिक महिलाएं या बच्चे थे।

कौन हैं चार इस्राइली महिला सैनिक?

  • लीरी अलबाग, 19
लीरी अलबाग को जनवरी की शुरुआत में हमास की तरफ से जारी किए गए एक वीडियो में दिखाया गया था, जिसे दबाव में फिल्माया गया था। उसके परिवार ने कहा कि अलबाग के स्पष्ट भावनात्मक संकट के कारण वीडियो 'देखना मुश्किल' था। वे बंधकों को घर वापस लाने के लिए हमास के साथ एक समझौते पर दबाव डालने वाले विरोध आंदोलन में विशेष रूप से सक्रिय थे। वीडियो जारी होने के बाद उसके पिता ने एक बयान में कहा, 'लीरी, अगर तुम हमें सुन रही हो, तो दूसरों को बताओ कि सभी परिवार अपने बच्चों को घर वापस लाना चाहते हैं, और हम तब तक लड़ेंगे जब तक सभी बंधक वापस नहीं आ जाते।'
 
  • करिना एरीव, 20
इस्राइली मीडिया के अनुसार, करीना एरीव के अपहरण से ठीक पहले, उसने अपने परिवार को एक संदेश भेजा था, जिसमें कहा गया था: 'अगर मैं नहीं जिंदा रही, तो मां और पिता का जीवन भर ख्याल रखना। हार मत मानो, जियो।' उसके परिवार ने कहना है कि उसे खाना बनाना, गाना, नृत्य करना और कविता लिखना पसंद है। जनवरी 2024 में, उसे गिल्बोआ और डोरोन स्टीनब्रेचर के साथ एक वीडियो में दिखाया गया था, जिसे पिछले हफ्ते रिलीज किया गया था।
 
  • डेनिएला गिल्बोआ, 20
अपहरण के बाद, उसके माता-पिता ने उसका नाम डेनियल से बदलकर डेनिएला रख दिया, जो एक यहूदी परंपरा है जिसके बारे में माना जाता है कि इससे भगवान की सुरक्षा मिलती है। अपहरण के वीडियो में, गिल्बोआ के पैर में चोट लगती है क्योंकि उसे गाजा ले जाने वाली जीप में जबरन बैठाया जाता है। इस्राइली मीडिया के अनुसार, वह एक गायिका बनने का सपना देखती थी।
 
  • नामा लेवी, 20
लेवी के अपहरण का फुटेज, जिसमें वह खून से लथपथ ग्रे स्वेटपैंट पहने हुए है, दुनिया भर में दिखाया गया। लेवी एक ट्रायथलीट है। जब वह छोटी थी, तो उसने 'हैंड्स ऑफ पीस' प्रतिनिधिमंडल में हिस्सा लिया, जो काम करने के लिए अमेरिकियों, इस्राइलियों और फलस्तीनियों को एक साथ लाता है। उसके अपहरण का फुटेज से ऐसा प्रतीत होता है कि लेवी को अन्य सुरक्षाकर्मियों से अलग ले जाया गया था, जिसके कारण उसके परिवार को चिंता हुई कि वह अधिकांश समय अकेली ही कैद में रही होगी।

युद्ध विराम के पहले दिन 19 जनवरी को ये तीन बंधक किए गए थे रिहा

  • रोमी गोनेन, 24
रोमी गोनेन को 7 अक्तूबर, 2023 को दक्षिणी इस्राइल में नोवा संगीत समारोह से अगवा कर लिया गया था। उस सुबह, गोनेन की मां मेराव और उनकी सबसे बड़ी बेटी ने लगभग पांच घंटे गोनेन से बात की, क्योंकि उग्रवादियों ने उत्सव के मैदान में उत्पात मचाया था। गोनेन ने अपने परिवार को बताया कि सड़कों पर खाली पड़ी कारों से भरा हुआ भागना असंभव है और वह कुछ झाड़ियों में शरण लेगी। पिछले 15 महीनों में, मेराव गोनेन बंधकों की वापसी की वकालत करने वाली सबसे मुखर आवाजों में से एक रही हैं, जो इस्राइली समाचार कार्यक्रमों में लगभग रोजाना दिखाई देती थी।
  • एमिली दामारी, 28
एमिली दामारी एक ब्रिटिश-इस्राइली नागरिक हैं, जिन्हें हमास के हमले से बुरी तरह प्रभावित एक सांप्रदायिक कृषि गांव किबुत्ज कफर अजा में उनके अपार्टमेंट से अगवा किया गया था। वह युवा वयस्कों के लिए एक पड़ोस में एक छोटे से अपार्टमेंट में रहती थी, जो गाजा के किबुत्ज का सबसे नजदीकी हिस्सा था। आतंकवादियों ने किबुत्ज की सीमा बाड़ को तोड़ दिया और पड़ोस में लूटपाट की।
दमारी की मां, मैंडी ने कहा कि उसे संगीत, यात्रा, फ़ुटबॉल, अच्छा खाना पसंद हैं।
  • डोरोन स्टीनब्रेचर, 31
डोरोन स्टीनब्रेचर एक पशु चिकित्सा नर्स है जो जानवरों से प्यार करती है, और किबुत्ज कफर अजा में दमारी की पड़ोसी है। स्टीनब्रेचर के पास इस्राइली और रोमानियाई दोनों नागरिकताएं हैं।
स्टीनब्रेचर को हमास की तरफ से 26 जनवरी, 2024 को दो महिला इस्राइली सैनिकों के साथ जारी किए गए एक वीडियो में दिखाया गया था। उसके भाई ने कहा कि वीडियो ने उन्हें उम्मीद दी कि वह जीवित है लेकिन चिंता पैदा कर दी क्योंकि वह थकी हुई, कमजोर और दुबली दिख रही थी।
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19 जनवरी को संघर्ष विराम
इस्राइल के साथ युद्धविराम समझौता बीते 19 जनवरी को तीन घंटे की देरी से लागू हुआ था। हमास ने 471 दिनों के बाद अपने कब्जे से कई बंधकों को रिहा किया था, जिसके बाद बंधकों के परिजनों ने राहत की सांस ली थी। 
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