राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने ताजा जानकारी दी कि उन्हें पता चला है कि रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू ने प्योंगयांग की हालिया यात्रा के दौरान उत्तर कोरिया के अधिकारियों से यूक्रेन में युद्ध के लिए मॉस्को को युद्ध सामग्री की बिक्री बढ़ाने को कहा।
किर्बी ने कहा कि रूस अपने रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त तोपखाने के गोले और अन्य बुनियादी सामग्री की तलाश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पत्र सतही के स्तर पर अधिक थे, लेकिन हथियारों की बिक्री पर रूसी और उत्तर कोरियाई वार्ता आगे बढ़ रही थी। उन्होंने बताया कि शोइगू की यात्रा के बाद नेताओं ने पत्रों का आदान-प्रदान किया।
बाइडन प्रशासन कई बार कह चुका है कि क्रेमलिन यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए आवश्यक हथियारों के लिए उत्तर कोरिया के साथ-साथ ईरान पर भी निर्भर हो गया है। उत्तर कोरिया और ईरान अपने परमाणु कार्यक्रमों और मानवाधिकार रिकॉर्ड के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर काफी हद तक अलग-थलग हैं।
मार्च में व्हाइट हाउस ने कहा था कि उसने खुफिया जानकारी जुटाई है जिससे पता चलता है कि रूस उत्तर कोरिया के साथ हथियारों के बदले भोजन का सौदा करना चाहता है, जिसमें मॉस्को प्योंगयांग से युद्ध सामग्री के बदले आवश्यक भोजन और अन्य वस्तुएं प्रदान करेगा।
पिछले साल के अंत में व्हाइट हाउस ने कहा था कि उसने तय किया है कि वैगनर ग्रुप ने रूस की ओर से यूक्रेन में लड़ रहे अपने बलों को मजबूत करने में मदद करने के लिए उत्तर कोरिया से हथियारों की खेप की डिलीवरी ली थी। उत्तर कोरिया और रूस दोनों ने पहले हथियारों के बारे में अमेरिका के आरोपों से इनकार किया था। हालांकि, उत्तर कोरिया ने यूक्रेन में युद्ध को लेकर रूस का पक्ष लिया है और जोर देकर कहा है कि अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिम की 'कब्जे की नीति' ने मॉस्को को अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया है।