अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के एक आयोग की संस्तुति पर इन दिनों व्हाइट हाउस में विचार चल रहा है। संस्तुति है कि ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम करके छह माह किया जाए और अप्रैल 2023 तक सभी बकाया आवेदनों का निपटारा किया जाए। संस्तुति लागू हुई तो इससे हजारों, खासकर भारत और चीन के, प्रवासी परिवारों को लाभ होगा।
राष्ट्रपति बाइडन के एशियाई अमेरिकियों, हवाई के मूल निवासियों और प्रशांत के द्वीपों के लोगों के सलाहकार आयोग ने मई में यह संस्तुतियां की थीं। शुक्रवार को आयोग ने संस्तुतियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि इन्हें 12 मई को मंजूरी मिल गई थी और 24 अगस्त को राष्ट्रपति के लिए भेजा गया था। फिलहाल व्हाइट हाउस की घरेलू नीति परिषद इन पर विचार कर रही है। इसके बाद यह निर्णय के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन को भेज दी जाएंगी।
भारतीय मूल के अमेरिका निवासी उद्यमी अजय जैन भुटोरिया राष्ट्रपति बाइडन के समर्थक हैं और चुनाव अभियान में पहले दिन से ही उनके साथ थे। भारतीय अमेरिकी समुदाय की ओर से उन्होंने मई में हुई बैठक के दौरान आयोग को यह प्रस्ताव दिया। इसे सर्वसम्मति से मान लिया गया। यह संस्तुतियां लागू होती हैं तो अमेरिका में बसने के इच्छुक भारतीयों के लिए गेमचेंजर साबित होंगी।
निर्धारित से कम तादाद में जारी हो रहे ग्रीन कार्ड
आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 महामारी के कारण बंदी, कर्मचारियों की संख्या पर प्रतिबंधों और 2017 के यात्रा प्रतिबंधों के कारण हर साल निर्धारित संख्या में ग्रीन कार्ड जारी करना कठिन है। अमेरिका में हर साल 2,26,000 ग्रीन कार्ड उपलब्ध हैं, लेकिन वित्त वर्ष 2021 में परिवार आधारित वरीयता के 65,452 कार्ड ही जारी हुए। आयोग ने कहा कि सरकार के नेशनल वीजा केंद्र को अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति करनी चाहिए और अगस्त-2022 से तीन माह के भीतर सभी ग्रीन कार्ड आवेदकों के साक्षात्कार समाप्त करने चाहिए।