'भारत के लोग आपसे बहुत प्यार करते हैं।' 25 सितंबर 2008 को व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से 40 मिनट की मुलाकात में मनमोहन सिंह ने यह कहा। गुरुवार 26 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नई दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। देश-विदेश के नेता उनकी सादगी के लिए उन्हें याद कर रहे हैं। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ मनमोहन सिंह का एक किस्सा बहुत याद किया जा रहा है। यह किस्सा कुछ ऐसा है, जहां बुश की तारीफ करने पर मनमोहन सिंह को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
परमाणु समझौते के बाद विपक्ष ने की मनमोहन सिंह की आलोचना
साल 2008 में व्हाइट हाउस में आठ मिनट की प्रेस बातचीत के दौरान बुश और सिंह ने एक-दूसरे की काफी प्रशंसा की। इसे सौहार्द की भावना से देखा गया। इस दौरान 34 वर्षों से भारत परमाणु व्यापार के मोर्चे पर दुनिया में अलग-थलग पड़ा था, मनमोहन सिंह के कार्यकाल में अमेरिका के साथ ऐतिहासिक परमाणु समझौता होने के बाद इस स्थिति में बदलाव आया। परमाणु समझौते पर यूपीए-1 सरकार से समर्थन वापस लेने वाले वामपंथियों और भाजपा दोनों ने मनमोहन सिंह की आलोचना की थी। कांग्रेस ने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को एक महान आयोजन बताया।
संवाददाता सम्मेलन में मनमोहन सिंह ने कहा, "भारत के लोग आपसे बहुत प्यार करते हैं। आपने दोनों देशों को एक-दूसरे के करीब लाने के लिए जो कुछ भी किया है, वह इतिहास में दर्ज होगा।" तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश मनमोहन सिंह के साथ मजबूत संबंध साझा करते थे। उन्होंने बताया कि कि कैसे मनमोहन सिंह उनकी मित्रता की सराहना किया करते थे।
बुश ने कहा, "मैं आपकी दोस्ती और नेतृत्व की सराहना करता हूं।" पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, "आपने और मैंने हमारे देशों के बीच संबंधों को बदलने के लिए कड़ी मेहनत की है। भारत एक महान देश है। इसका भविष्य बहुत उज्ज्वल है। भारत के साथ अच्छे, मजबूत रणनीतिक संबंध रखना अमेरिका के हित में है। हमने इसे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है।"
जॉर्ज बुश-मनमोहन सिंह ने की एक-दूसरे की तारीफ
2005 में शुरू किए गए असैन्य परमाणु समझौते पर बात करते हुए जॉर्ज बुश ने भारत के तत्कालीन पीएम ने कहा, "इसमें हमारे दोनों पक्षों को बहुत काम करना पड़ा है, आपकी ओर से बहुत साहस दिखाया गया।" इसके जवाब में मनमोहन सिंह ने कहा, "जब इतिहास लिखा जाएगा, तब उसमें यह दर्ज होगा कि राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने हमारी दो लोकतंत्र को करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।"
इसके एक साल बाद 2009 में पद छोड़ने के बाद बुश ने भारत दौरे के दौरान मनमोहन सिंह की एकबार फिर सराहना की थी। उन्होंने कहा, मैं वास्तव में मनमोहन सिंह को पसंद करता हूं। प्रधानमंत्री एक बुद्धिमान नेता होता है। अपनी दूसरी भारत यात्रा पर बुश ने कहा कि वह यहां वापस आकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं।