भारत ने मंगलवार को पुलवामा आतंकी हमले का बदला पाकिस्तान से ले लिया है। आज सुबह भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर आतंकी कैंप को ध्वस्त कर दिया।
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि वायुसेना के विमान ने आतंकी कैंप पर एक हजार किलोग्राम के बम गिराए। जिसमें आतंकी कैंप पूरी तरह से ध्वस्त हो गए। भारतीय वायुसेना ने बालाकोट, चकोठी और मुजफ्फराबाद के आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट किया है। जैश-ए-मोहम्मद का कंट्रोल रूम भी नष्ट हो गया है।
इस अभियान के लिए वायुसेना ने लेजर गाइडेड बम का इस्तेमाल किया। जिन एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग विमानो का इस्तेमाल इस अभियान में किया गया उन्हें पिछले तीन दिनों से हिंडन एयरबेस पर अलर्ट पर रखा गया है।
पाकिस्तान के एफ16 विमानों ने भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 पर जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की लेकिन भारतीय फॉर्मेशन के के कारण वह ऐसा नहीं कर पाए। इस अभियान को वेस्टर्न एयर कमांड ने अंजाम दिया।
मिराज-2000 विमान फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एविएशन द्वारा बनाया गया है। यह वही कंपनी है जिसने राफेल को बनाया है जिसे लेकर भारतीय राजनीति आज भी गर्माई हुई है। मिराज-2000 चौथी जेनरेशन का मल्टीरोल, सिंगल इंजन लड़ाकू विमान है। इसकी पहली उड़ान साल 1970 में आयोजित की गई थी। यह फाइटर प्लेन अभी लगभग नौ देशो में अपनी सेवाएं दे रहा है।
हालांकि इसमें समय-समय पर अपडेशन का काम भी किया जाता रहा है। साल 2009 तक लगभग 600 से अधिक मिराज-2000 दुनियाभर में सेवारत हैं।
भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित लगभग 51 मिराज 2000 विमानों के एक बेड़े को उन्नत करने के लिए फ्रांस से 1.9 बिलियन डालर का समझौता किया गया है। जून 2011 में यह घोषणा की गई कि सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (CCS) ने भारतीय वायुसेना के मिराज-2000 के उन्नयन पर विचार करेगी। जिसके बाद यह समझौता किया गया था।
मिराज की खूबियां
मिराज 2000 में उन्नत एवियोनिक्स, आरडीवाई रडार और नए सेंसर और कंट्रोल सिस्टम का उपयोग करके नए कई निशानों को एक साथ साधना, हवा से जमीन और हवा से हवा में भी मार करने में माहिर है। यह पारंपरिक और लेजर गाइडेड बम को भी गिराने में सक्षम है।
विमान की कॉकपिट
विमान की कॉकपिट उस जगह को कहा जाता है जहां उसका पायलट बैठा होता है। मिराज 2000 सिंगल-सीटर या टू-सीटर मल्टीरोल फाइटर के रूप में उपलब्ध है। इस विमान के कॉकपिट में नियंत्रण के लिए थ्रोटल और स्टिक का प्रयोग किया जाता है। मिराज 2000 में थेल्स वीईएच 3020 हेड-अप डिस्प्ले और पांच कैथोड रे ट्यूब मल्टीफंक्शन एडवांस्ड पायलट सिस्टम इंटरफेस (एपीएसआई) डिस्प्ले लगे हुए हैं।
इसके कॉकपिट में लगी स्क्रीन में उड़ान नियंत्रण, नेविगेशन, लक्ष्य को साधने और हथियार फायरिंग से संबंधित डेटा प्रस्तुत करने की शानदार क्षमता है। सेंसर और सिस्टम प्रबंधन डेटा दो रंगीन डिस्प्ले पर दिखता है।
मिराज 2000 में हथियारों को ले जाने के लिए नौ हार्डपॉइंट दिए गए हैं। जिसमें पांच प्लेन के नीचे और दो दोनों तरफ के पंखों पर दिया गया है। सिंगल-सीट संस्करण भी दो आंतरिक हैवी फायरिंग करने वाली 30 मिमी बंदूखों से लैस है। हवा से हवा में मार करने वाले हथियारों में MICA मल्टीगेट एयर-टू-एयर इंटरसेप्ट और कॉम्बैट मिसाइलें शामिल है। इसके अलावा भी यह कई प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है।
एफ-16 एक अमेरिकी मल्टी रोल लड़ाकू विमान है। इसे मूलतः अमेरिका की ही जनरल डायनामिक्स ने अमेरिकी वायु सेना के लिए बनाया था।
यह बाद में सभी मौसमों में उड़ने में संभव एक सफल मल्टी रोल लड़ाकू विमान के तौर पर उभरा। ये विमान विभिन्न देशों के लिए बनाए जा चुके हैं व इनमें से अधिकतम आज भी सेवा में हैं।
क्यों खास है?
- 4604 एफ-16 लड़ाकू विमान अभी तक 28 देशों की वायुसेना को बेच चुकी है कंपनी।
- 3000 एफ-16 इस समय अमेरिका समेत 25 अग्रणी देशों की वायुसेना में नियमित उड़ान पर हैं।
- 100 पार्ट्स सप्लायर कंपनियों को विंग के निर्माण में काम आने वाले हिस्से सप्लाई करने का मिलेगा मौका।