पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की अंग्रेजी वेबसाइट पर एक आलेख है, जिसमें जांंग नाम के एक फौजी को दी गई सजा के बारे में बताया गया है। इस फौजी ने नौकरी छोड़ने की बात कही थी, जिसके बाद उसकी जिंदगी को नरक बना दिया गया था।
जांग पर कुल आठ जुर्माने लगाए गए थे, जिसमें दो साल के लिए विदेश यात्रा पर रोक, ट्रेन और बस के सफर पर प्रतिबंध, संपत्ति खरीदने पर रोक, कर्ज तथा बीमा इंश्योरेंस पाबंदी, नया व्यापार खोलना और खुद को उच्च शिक्षा के लिए नामांकित करने पर प्रतिबंध शामिल था।
इसी के साथ जांग को आजीवन सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य करार दिया गया। इसके अलावा उसे ऐसी किसी भी नौकरी के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिसका संबंध चीन की सरकार से हो।
इतना ही नहीं उसे लगभग तीन लाख रुपये सेना को चुकाने पड़े जो उसके प्रशिक्षण पर खर्च हुए थे। जांग का चीन की सेना छोड़ना और सेना की ओर से उस पर ये जुर्माने लगाना दुर्लभ हो सकता है लेकिन यह विशेष नहीं है। सामान्य तौर पर चीन की सेना छोड़ने पर इस तरह की सजाएं मिलती हैं।
चीन ने अपनी क्षमताओं में और सुधार लाने के लिए नए भर्तियों की प्रशिक्षण अवधि को तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने कर दिया है। अलग-अलग कंपनियों में जाने से पहले इन नई भर्तियों को पेशेवर तरीके से ट्रेनिंग मिलेगी। चीन की सेना दुनिया की सबसे बड़ी सेना है, इसमें 20 लाख सैनिक शामिल हैं।
चीन के अधिकारियों की माने तो नई भर्तियों का प्रशिक्षण काफी प्रभावशाली है। नए लोगोंं को संपूर्ण प्रशिक्षण मिलने के बाद ही सेना में शामिल किया जाएगा। नए लोगों को तीन महीने का अतिरिक्त प्रशिक्षण इसलिए दिया जा रहा है ताकि वे लोग सैनिकों के जीवन में खुद को ढाल सके और उनको व्यापक प्रशिक्षण मिल सके।