ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि अमेरिका के ताजा हमलों में ईरान के मकरान इलाके में स्थित चाबहार बंदरगाह का समुद्री यातायात नियंत्रण टावर नष्ट हो गया है। ईरान ने इसे 'घृणित हमला' बताया और कहा कि यह हमला मछुआरों की आजीविका और क्षेत्र में आम नागरिकों की समुद्री सुरक्षा को निशाना बनाकर किया गया।
ईरान ने तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से जारी बयान में कहा कि अमेरिकी सेना ने तीन मिसाइलें दागकर एक 'पूरी तरह से नागरिक ढांचे' को नष्ट कर दिया। बयान में कहा गया कि अहम बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी हमले एक बार फिर पश्चिमी देशों के दोहरे मापदंड और वाशिंगटन की ओर से खुद बनाए गए अंतरराष्ट्रीय समझौतों की अनदेखी को दिखाते हैं।
सेंटकॉम ने क्या कहा?
इस बीच, अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि उसने चाबहार के शाहिद कालंतरी बंदरगाह पर बने निगरानी टावर को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। यह टावर ईरान के ओमान की खाड़ी वाले तट पर बने समुद्री निगरानी नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका इस्तेमाल दशकों से इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर नजर रखने और उन्हें निशाना बनाने के लिए करता आ रहा था।
इस टावर के नष्ट होने से आईआरजीसी की निर्दोष आम नागरिकों (चालक दल के सदस्यों) पर हमले की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने की क्षमता सीधे तौर पर कम हो गई है। इसके अलावा, यह कार्रवाई क्षेत्र के जलक्षेत्र में सभी जहाजों के लिए आवाजाही की स्वतंत्रता को सुरक्षित करती है, सिवाय उन जहाजों के जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
कतर के अल उदीद अमेरिकी एयरबेस पर हमला
ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने हमलों की 15वीं लहर में कतर स्थित अमेरिका के अल उदीद एयरबेस को निशाना बनाया है। ईरान की आईआरआईबी समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान के इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बयान में कहा कि इन हमलों में लंबी दूरी की रडार प्रणाली और अमेरिका के कई रणनीतिक ईंधन भरने वाले विमानों को नुकसान पहुंचा है।
आईआरजीसी ने कहा, अमेरिकी दुश्मन और क्षेत्र में अपने ठिकानों की मेजबानी करने वाले देशों को यह समझ लेना चाहिए कि लक्ष्मण रेखा को पार करने और लोगों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करने की बहुत गंभीर और दुखद कीमत चुकानी होगी। अगर दुश्मन यह सिलसिला जारी रखता है तो और भी करारे जवाब दिए जाएंगे, जो युद्धों के इतिहास में दर्ज रहेंगे।
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दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों में कई पुलों को निशाना बनाया गया
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका के ताजा हमलों में दक्षिणी ईरान के कई पुलों को निशाना बनाया गया। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, होर्मोजगान प्रांत के गवर्नर कार्यालय ने बताया कि दक्षिणी ईरान में कई पुलों पर हमला हुआ।
कई निशाना बनाए गए पुल बंदर अब्बास से जुड़े रास्तों पर स्थित थे। बंदर अब्बास होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित एक तटीय शहर है। समाचार एजेंसी के अनुसार, इससे पहले बंदर अब्बास में एक रेलवे जंक्शन को भी निशाना बनाया गया था। सरकारी मीडिया के अनुसार, ताजा हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है और नौ अन्य घायल हुए हैं।
जॉर्डन ने ईरानी मिसाइलों को रोकने का दावा किया
जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने अपने क्षेत्र को निशाना बनाकर दागी गई तीन ईरानी मिसाइलों को रोक दिया है। सशस्त्र बलों ने कहा कि इस हमले में किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। ईरान ने इस ताजा हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, ईरान ने हाल के दिनों में जॉर्डन को कई बार निशाना बनाया है।
बहरीन में सक्रिय किए गए सायरस
ईरान की सेना की ओर से बहरीन के सखीर एयरबेस पर अमेरिकी हेलीकॉप्टरों और टोही विमानों को निशाना बनाने के दावे के बाद बहरीन में हवाई हमले के सायरन सक्रिय कर दिए गए। बहरीन के गृह मंत्रालय ने एक्स पर कहा, चेतावनी देने वाला सायरन सक्रिय कर दिया गया है।
मंत्रालय ने आगे कहा, हम नागरिकों और निवासियों से शांत रहने, नजदीकी सुरक्षित स्थान पर जाने और आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाले अपडेट का पालन करने की अपील करते हैं। बहरीन और अमेरिकी अधिकारियों ने तुरंत इस बात की पुष्टि नहीं की कि एयरबेस पर हमला हुआ है।