इस्राइल और हमास के बीच एक साल से अधिक समय से चल रहे संघर्ष में अभी तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इसी बीच इस्राइली सांसदों ने सोमवार को एक ऐसा कानून पारित किया जो गाजा में लोगों को सहायता प्रदान करने वाली मुख्य संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के काम को प्रभावित करता है। यह कानून संयुक्त राष्ट्र की फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) को इस्राइल में कोई भी गतिविधि करने या कोई सेवा प्रदान करने से रोकता है। हालांकि, यह कानून तुरंत प्रभावी नहीं होगा।
बता दें कि यह कानून 92-10 से पारित हुआ। कानून के समर्थकों और इसके विरोधियों, जिनमें से ज्यादातर अरब संसदीय दलों के सदस्य थे, के बीच तीखी बहस हुई। यूएनआरडब्ल्यूए के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने वाले दूसरे विधेयक पर भी बाद में मतदान हुआ।
कानून पारित होने से गाजा में बढ़ सकता है मानवीय संकट
इस कानून के पारित होने से गाजा में मानवीय संकट और बढ़ सकता है, क्योंकि यहां पहले से ही भोजन, पानी और दवाओं की कमी है। इस्राइल ने यूएनआरडब्ल्यूए पर आरोप लगाया है कि इसके कुछ कर्मचारी हमास के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
इस्राइल ने आरोप लगाया है कि यूएनआरडब्ल्यूए के हजारों स्टाफ सदस्यों में से कुछ ने 7 अक्तूबर, 2023 को हमास के हमलों में भाग लिया, जिससे गाजा में युद्ध छिड़ गया। इस्राइल ने यह भी कहा कि उसके सैकड़ों कर्मचारियों के आतंकवादी संबंध हैं। उसे यूएनआरडब्ल्यूए सुविधाओं के पास या उसके नीचे हमास की सैन्य संपत्तियां मिली हैं। हालांकि, एजेंसी ने जानबूझकर सशस्त्र समूहों को सहायता देने की बात से इनकार किया है।
कानून के बाद गाजा में लोगों को मदद पहुंचाने में हो सकती है मुश्किल
यूएनआरडब्ल्यूए इस्राइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक सहित गाजा में लाखों फलस्तीनी शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं प्रदान करता है। इस कानून के पारित होने से एजेंसी के काम पर असर पड़ सकता है और गाजा में लोगों को मदद पहुंचाने में मुश्किल हो सकती है।
बता दें कि इस्राइल-हमास के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से गाजा में मृतकों की संख्या 43000 से अधिक हो गई है, जिसमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं। इस्राइल ने हाल ही में गाजा में कई अस्पतालों पर हमला किया है, जिसमें कम से कम 100 संदिग्ध हमास कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।
मिश्र ने दो दिन के संघर्ष विराम के बदले चार बंधकों की रिहाई का दिया प्रस्ताव
इस बीच, इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के प्रयास तेज हो गए हैं। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने दो दिन के संघर्ष विराम के बदले में चार बंधकों की रिहाई का प्रस्ताव दिया है। इस्राइल ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
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