गाजा में आपूर्ति की कमी और युद्धविराम के बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच बृहस्पतिवार देर रात से शुक्रवार के बीच इस्राइल ने कई हमले किए। इन हमलों में गाजा में 72 लोग और लेबनान में तीन पत्रकार मारे गए। गाजा में 38 मौतें दक्षिणी गाजा के खान यूनिस में उस वक्त हुई, जब लोग हाल के दिनों में शहर की एकमात्र बेकरी के बाहर रोटी के लिए कतार में खड़े थे। दूसरा हमला दक्षिण-पूर्वी लेबनान में पत्रकारों के आवास परिसर पर हुआ जहां तीन मीडिया कर्मचारी मारे गए।
स्थानीय समाचार चैनल 'अल जदीद ने हमला स्थल के फुटेज प्रसारित किए जिसमें ढही हुई इमारतें और कारें धूल-मलबे से ढकी दिखाई दीं। इस्राइली सेना ने हमले से पहले कोई चेतावनी भी जारी नहीं की। शुक्रवार तड़के हुए हमलों में मारे गए पत्रकारों में दो कर्मी कैमरा ऑपरेटर गस्सान नजर व प्रसारण तकनीशियन मो. रिदा शामिल हैं। इसके अलावा हसबाया क्षेत्र में हुए हवाई हमले में कैमरा ऑपरेटर विसम कासिम की मौत हो गई। 'अल-मनार' टीवी के इन पत्रकारों की मौत पर चैनल ने दुख जताया। इसके अलावा इस्राइली सेना ने गाजा में भी हमले जारी रखे। यहां 72 फलस्तीनी मारे गए हैं।
इस्राइली बलों ने उत्तरी गाजा के कमाल अदवान अस्पताल पर भीषण बमबारी की। यह जानकारी अस्पताल के स्टाफ ने दी। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इस्त्राइली हमलों में 7 अक्तूबर 2023 के बाद से अब तक
42,000 से ज्यादा फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि इस दौरान पत्रकार सुरक्षा समिति ने 128 पत्रकार के मारे जाने का दावा किया है।
नेतन्याहू को आरोपित करने वाले पर दुराचार का आरोप
इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अभियोजक करीम खान पर एक महिला सहयोगी को यौन संबंध बनाने के लिए वर्ष भर से अधिक समय तक मजबूर करने के आरोप लगे हैं। खान ने खुद पर लगे आरोपों से इन्कार करते हुएकहा, ये आरोप उन्हें बदनाम करने के लिए इस्राइली खुफिया अभियान के तहत लगाए गए होंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाराजगी
पत्रकारों की हत्या के विरोध में प्रेस पैरोकार समूहों व यूएन विशेषज्ञों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाराजगी जताई है। हालांकि, इस्राइल ने कहा है कि वह जानबूझकर किसी को भी निशाना नहीं बना रहा है। इस्राइल ने गाजा में मिले दस्तावेजों का हवाला देते हुए अल जजीरा के लिए काम करने वाले पत्रकारों पर लड़ाका समूहों का सदस्य होने का आरोप लगाया है।
पीड़ा दिखाने वाले खुद खबर बन गए
दक्षिण लेबनान में 'अल-मनार' टीवी के जाने माने पत्रकार अली शोएब ने कहा, उनके साथ महीनों से काम कर रहे कैमरा ऑपरेटर की मौत हो गई। शोएब ने कहा, हम समाचारों की रिपोर्टिंग कर रहे थे और पीड़ितों की पीड़ा को दिखा रहे थे और अब हम ही समाचार बन गए हैं। हम इस्त्राइल के अपराधों के कारण पीड़ित हैं।
एक साल पहले शुरू हुई लड़ाई, अब तक 44 हजार से अधिक मौतें
गौरतलब है कि एक साल 20 दिन पहले हमास के लड़ाकों ने इस्राइल पर हमला किया था। इन हमलों के बाद इस्राइली सेना ने पलटवार किया और गाजा समेत कई इलाकों में हमास के ठिकानों पर हमले किए। बीते एक साल से अधिक समय से जारी इस लड़ाई में अब तक 44 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।