इस्राइल जल्द ही उत्तरी गाजा में मानवीय सहायता को रोक देगा या उसे धीमा कर देगा। एक अधिकारी ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को कहा कि इस्राइल ऐसा इसलिए कर सकता है, क्योंकि वह हमास के खिलाफ अपने सैन्य अभियान का विस्तार कर रहा है। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब एक दिन पहले ही गाजा सिटी को आधकारिक रूप से युद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।
इस फैसले से इस्राइल सरकार की आलोचना और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि लगभग 23 महीने से जारी युद्ध में गाजा के लोगों और वहां बचे इस्राइली बंधकों की स्थिति को लेकर देश-विदेश में नाराजगी तेज हो रही है।
आने वाले दिनों में सहायता ट्रकों की संख्या घटाएगा इस्राइल
एक इस्राइली अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बात की। उन्होंने बताया कि इस्राइल आने वाले दिनों में गाजा सिटी पर हवाई हमले बंद कर देगा और सहायता ट्रकों की संख्या घटा दी जाएगी। इसके साथ ही लाखों लोगों को दक्षिणी गाजा की ओर ले जाने की तैयारी हो रही है।
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इस्राइल ने गाजा सिटी को बताया हमास का गढ़
इस्राइल ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को सहायता पहुंचाने के लिए दिन में लड़ाई रोक दी थी। इस्राइल ने गाजा सिटी को हमास का गढ़ बताते हुए दावा किया कि वहां अब भी भूमिगत सुरंगों का नेटवर्क सक्रिय है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगियों का कहना है कि इस्राइल की ये राहत व्यवस्था गाजा के लिए रोजाना जरूरी 600 ट्रकों की तुलना में बेहद कम है।
एक और बंधक के अवशेष मिले
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बताया कि शुक्रवार को गाजा में एक और बंधक के अवशेष मिले हैं। यह अवशेष इदान श्तिवी के हैं। कार्यालय के अनुसार, सात अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद इदान का नोवा संगीत समारोह से अपहरण कर लिया गया था। 250 से ज्यादा बंधकों में से अब 48 ही गाजा में बचे हैं। इस्राइल का मानना है कि इनमें से 20 जिंदा हैं। बंधकों के परिजनों को डर है कि सैन्य कार्रवाई बढ़ने से उनकी जान और खतरे में पड़ सकती है। शनिवार को उन्होंने एक बार फिर तेल अवीव में युद्धविराम की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
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बड़े पैमाने पर विस्थापन की आशंका
हाल के दिनों में, इस्राइली सेना ने गाजा सिटी के बाहरी इलाकों पर हमले तेज किए हैं, जहां हाल ही में वैश्विक खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने अकाल की स्थिति घोषित की थी। शनिवार तक कई दिनों से गाजा में कोई हवाई आपूर्ति नहीं हुई थी। यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि इससे पहले लगभग रोजाना कुछ न कुछ राहत गिराई जाती थी। अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस की अध्यक्ष मिर्जाना स्पोल्जारिक ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर लोगों को गाजा सिटी से निकालना असंभव है, क्योंकि बुनियादी ढांचा तबाह हो चुका है और खाना, पानी, दवा, आश्रय हर चीज की भारी कमी है।