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West Asia: मदद लेकर गाजा पट्टी में दाखिल हुए 600 से ज्यादा ट्रक; रिहा हुई इस्राइली बंधक ने दी पहली प्रतिक्रिया

Mon, 20 Jan 2025 06:37 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरूशलम।

सार

West Asia: इस्राइल और हमास के संघर्षविराम समझौते के तहत संयुक्त राष्ट्र के 600 से ज्यादा ट्रक मदद लेकर गाजा पट्टी पहुंची। वहीं, हमास के चंगुल से रिहा हुई इस्राइली बंधक ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उधर, फलस्तीनी कैदी ने भी इस्राइली जेल की आपबीती सुनाई। 
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गाजा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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गाजा संघर्ष विराम के पहले दिन रिहा हुई एक इस्राइली बंधक ने सोमवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि उन्हें फिर से जिंदगी वापस मिली है। 28 वर्षीय एमिली डमारी उन तीन बंदकों में से एक थीं, जिन्हें रविवार को 471 दिन कैद में रहहने के बाद रिहा किया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है। 

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इस्राइली मीडिया की ओर से साझा की गई एक इंस्टाग्राम स्टोरी में डमारी ने अपने परिवार और उन प्रदर्शनकारियों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने बंधकों की रिहाई के लिए आंदोलन किया था। डमारी ने कहा, धन्यवाद, धन्यवाद,धन्यवाद। मैं दुनिया में सबसे खुश हूं। डमारी एक इस्राइली-ब्रिटिश नागरिक हैं। रिहाई के बाद एक हाथ में पट्टी बांधे हुए वह अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि सात अक्तूबर 2023 को हमास के हमले में उन्होंने दो अंगूठे खो दिए थे। जब वह अस्पताल पहुंची, तो उसने वहां जमा भीड़ को हाथ हिलाया और बाद में अपने परिवार से खुशी-खुशी मिलते हुई दिखाई दी। 

डमारी की मां ने सोमवार को एक बयान में कहा कि डमारी हमारे किसी भी अनुमान से बेहतर स्थिति में है। रविवार को तीन इस्राइली बंधक हमास की कैद से रिहा हुए और इस्राइल लौटे। जबकि दर्जनों फलस्तीनी कैदी इस्राइली जेल से रिहा हुए। 
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वेस्ट बैंक में एक इस्राइली सैनिक की मौत, दूसरा घायल
वहीं, वेस्ट में एक इस्राइली सैनिक की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूस से घायल हो गया। इस्राइली सेना ने यह जानकारी दी। हालांकि, सेना ने  घटना के बारे में और अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। इस्राइली मीडिया के मुताबिक, वेस्ट बैंक के उत्तरी क्षेत्र में रातभर सैनिकों के वाहन को बम से हमले का सामना करना पड़ा। 

तुर्किये ने अलेप्पो में खोला अपना वाणिज्य दूतावास
उधर, तुर्किये ने सीरिया के सबसे बड़े शहर अलेप्पो में अपना वाणिज्य दूतावास फिर से खोल दिया है। 12 साल पर वाणिज्य दूतावास की इमारत पर तुर्किये का राष्ट्रीय ध्वज फराया गया। कुछ हफ्ते पहले तुर्किये के दूतावास ने दमिश्क में अपनी गतिविधियां शुरू कर दी थीं।  तुर्किये की समाचार एजेंसी एनादोलु ने यह जानकारी दी। 

तुर्किये ने 2012 में सुरक्षा कारणों के चलते सीरिया में अपने सभी कूटनीतिक मिशनों को बंद कर दिया था, जब सीरिया में गृह युद्ध शुरू हुआ। तुर्किये ने राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ संघर्ष कर रहे बलों का समर्थन किया था। सीरिया संघर्ष से पहले अलेप्पो तुर्किये और सीरिया के बीच व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था। 

इस्राइल की कैद से रिहा हुई फलस्तीनी लड़की ने क्या कहा
वहीं, इस्राइल की जेल से रिहा होने के बाद 22 वर्षीय बरआ अल-फुखा ने परिजनों को गले लगाया। वह रेड क्रॉस की सफेद बस से उतरकर फलस्तीनियों लोगों से मिली, जिन्होंने उनका स्वागत किया। अल-कुद्स विश्वविद्यालय में मेडिकल की छात्रा रही बरआ को करीब छह महीने तक डेमन जेल में रका गया था। उन्होंने प्रशासनिक गिरफ्तारी के तहत कैद में रखा गया था। प्रशासनिक गिरफ्तारी ऐसी नीति है, जिसके तहत इस्राइल बिना किसी आधिकारिक आरोप या मुकदमे के फलस्तीनियों को अनिश्चितकाल के लिए जेल में रख सकता है। अल-फुखा ने इस्राइल की जेल की स्थिति को खौफनाक बताया और कहा कि उनके लिए खाने और पानी तक पहुंच सीमित थी। हम अपना सिर ऊंचा करने की कोशिश करते तो सुरक्षा कर्मी हमे नीचे गिराने की पूरी कोशिश करते। उन्होंने कहा, अल्लाह का धन्यवाद, मैं अपने आज अपने परिवार के साथ हूं। मैं संतुष्ट हूं। लेकिन मेरी खुशी सीमित है, क्योंकि हमारे इतने सारे फलस्तीनी लोगों को यातनाएं दी जा रही हैं। गाजा में हमारे लोग दुख सह रहे हैं। इंशा अल्लाह हम उन्हें भी आजाद करने के लिए काम करेंगे। 

मदद लेकर गाजा पट्टी में दाखिल हुए 630 से अधिक ट्रक: यूएन
संघर्षविराम समझौते के तहत संयुक्त राष्ट्र के 630 से अधिक ट्रक मानवीय मदद लेकर गाजा पट्टी में दाखिल हुए। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के उप महासचिव टॉम फ्लेटर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि रविवार को 630 से अधिक ट्रक गाजा पहुंचे, जिनमें से कम से कम 300 ट्रक उत्तरी गाजा में मानवीय मदद लेकर पहुंचे। फ्लेचर ने लिखा, 15 महीनों के निरंत युद्ध के बाद मानवीय जरूरतें बहुत बड़ी हैं। 

नामों की सूची में विवाद के कारण हुई फलस्तीनी कैदियों की रिहाई में देरी
हमास के कैदी मामलों के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि नामों की सूची पर आखिरी समय में हुए विवाद के कारण फलस्तीनी कैदियों की रिहाई में देरी हुई। कार्यालय ने कहा, रविवार को गाजा से तीन इस्राइली बंधकों की रिहाई के बाद फलस्तीनी लोग वेस्ट बैंक के रामल्लाह के पास ओफेर जेल के बाहर 90 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई का इंतजार कर रहे थे। ओफेर जेल से रिहा होने वाले कैदियों के नामों की जांच के दौरान एक महिला कैदी का नाम गायब पाया गया। 

हमास ने कहा कि इसके अधिकारी मध्यस्थों और रेड क्रॉस के साथ संपर्क में हैं, ताकि इस्राइल पर दबाव डाला जा सके और कैदियों की रिहाई की सूची पर सहमति बनी रहे। हमास ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान किया जा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही रिहा किए गए कैदियों की बसें निकलेंगी। इस्राइली सेना इस देरी पर कोई टिप्पणी नहीं की। 

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