यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने शनिवार (स्थानीय समय) को सना और सादा में हूतियों के महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले की पुष्टि की। यह कार्रवाई तब हुई जब हूती समूह ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया।
बढ़ सकती तेल की कीमत
अरामको संयंत्र से उठती आग की लपटों और घने धुएं ने चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अरब की यह बड़ी तेल कंपनी तेल सप्लाई में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में अगर हमले से संयंत्र को बड़ा नुकसान हुआ है, तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव बना हुआ है। ऐसे में अरामको पर हुआ यह हमला ऊर्जा बाजार के लिए नई चिंता खड़ी कर सकता है।
सैन्य कार्रवाई के बाद जारी किया बयान
इन घटनाओं से जारी संघर्ष और बढ़ गया है। दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई का दावा करते हुए बयान जारी किए हैं। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सशस्त्र सेनाओं के मीडिया सेंटर सेजारी एक बयान में आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि यमनी सेनाएं हूतियों के नियंत्रण वाले इलाकों पर हमले कर रही हैं।
प्रवक्ता ने क्या कहा?
आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, 'हम सना और सादा में आतंकवादी हूती मिलिशिया के अहम ठिकानों पर जबरदस्त हमले कर रहे हैं'। प्रवक्ता ने आगे चेतावनी दी कि हूती की सैन्य क्षमताओं पर हमले जारी रहेंगे। प्रवक्ता ने कहा, 'हूती मिलिशिया की क्षमताएं हमारी सेना के हमलों से सुरक्षित नहीं रहेंगी और हम उन्हें नष्ट कर देंगे।'
हूती की ओर से यह हमला क्यों किया गया है?
यह बयान तब आया जब हूती समूह ने कहा कि उसने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके रियाद में अरामको को निशाना बनाते हुए एक सैन्य अभियान चलाया है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी के बयान के अनुसार, यह हमला सऊदी अरब की ओर से सना और उनके नियंत्रण वाले अन्य इलाकों पर किए गए हमलों के जवाब में किया गया था।
हूती के बयान में कहा गया, 'राजधानी सना और आजाद कराए गए प्रांतों के खिलाफ सऊदी आक्रामकता के जवाब में जिसमें पिछले 24 घंटों में 60 हवाई हमले और मिसाइल हमले हुए, जिससे हमारे देश के खिलाफ सऊदी हमलों की कुल संख्या 1,410 हो गई है।'
एक खास मिलिट्री ऑपरेशन चलाया
हूती समूह ने कहा कि उसने रियाद में अरामको की सुविधाओं के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके एक खास मिलिट्री ऑपरेशन चलाया। ग्रुप ने दावा किया कि ऑपरेशन अपने मकसद में कामयाब रहा और टारगेट की गई जगहों पर आग लग गई।
बयान में कहा गया, 'अल्लाह की मेहरबानी से ऑपरेशन सफलतापूर्वक अपने मकसद में कामयाब रहा।' इसमें आगे कहा गया, 'हमले सटीक और सीधे थे, जिसके परिणामस्वरूप टारगेट की गई जगहों पर आग लग गई।' हूती बयान में और ज्यादा तनाव बढ़ने की चेतावनी भी दी गई, जिसमें कहा गया कि ग्रुप यमन और उसके लोगों के खिलाफ हमलों का जवाब देगा।
बयान में कहा गया, 'इतनी आपराधिकता और क्रूरता के साथ यमनी लोगों का खून बहाने से यह जरूरी हो गया है कि सशस्त्र बल, हमारे देश के सभी आजाद लोगों के साथ मिलकर, सभी जरूरी कदम उठाएं और कड़े उपाय करें ताकि सबको यह बताया जा सके कि हमारे ईमानदार लोगों के खून को नजरअंदाज करने की कीमत बहुत ज्यादा और भारी होगी, और अपराधी दुश्मन को यह समझना चाहिए कि हमारे लोगों का खून बहाते रहने की उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।'
अपनी नीतियों को लेकर क्या कहा?
ग्रुप ने आगे कहा कि वह तब तक तनाव बढ़ाने की अपनी नीति जारी रखेगा जब तक यमन के खिलाफ हमले और नाकाबंदी खत्म नहीं हो जाती। बयान में कहा गया, 'हम 'घेराबंदी के बदले घेराबंदी' और 'तनाव के बदले तनाव' की नीति लागू करना जारी रखेंगे। सऊदी दुश्मन की सेना की तैनाती को निशाना बनाते रहेंगे, जब तक कि आक्रामकता बंद नहीं हो जाती और हमारे प्यारे देश पर लगी घेराबंदी हटा नहीं दी जाती।'