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पश्चिम एशिया संकट: तेहरान के सबसे ऊंचे पुल पर US-इस्राइल ने क्यों बरसाए बम? हमले में अब तक आठ की मौत, 95 घायल

Fri, 03 Apr 2026 07:29 AM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच छिड़े युद्ध ने दूसरे महीने में प्रवेश कर लिया है। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी ने तेहरान के स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से बताया है कि इस युद्ध की वजह से देश भर में 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, घायलों की संख्या भी काफी ज्यादा है।
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तेहरान का बी1 पुल हुआ नेस्तनाबूद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच छिड़ी जंग को एक महीने से ज्यादा हो चुके हैं। शांति वार्ता के लिए की जा रहीं कोशिशों के बावजूद दोनों ओर से हमले जारी हैं। इस बीच अमेरिका और इस्राइल ने गुरुवार को ईरान के सबसे ऊंचे पुल यानी बी1 ब्रिज पर हवाई हमला किया। इस हमले में कम से कम आठ नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 95 अन्य घायल हो गए हैं। 
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ईरानी मीडिया प्रेस टीवी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सैन्य कार्रवाई का मुख्य निशाना करज का बी1 ब्रिज था। इस हमले के चलते आसपास के इलाकों में भारी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका जताई गई है। बताया जा रहा है कि मौतों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

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प्रकृति दिवस पर इकट्ठा हुए परिवार भी बने निशाना
हमले में मारे गए लोगों में ईरानी यात्री और स्थानीय गांव के निवासी शामिल बताए जा रहे हैं। ये लोग हमले के समय पुल के पास मौजूद थे। प्रेस टीवी के अनुसार, मरने वालों में वे परिवार भी शामिल हैं जो प्रकृति दिवस के मौके पर उस क्षेत्र में थे, जब लोग बड़ी संख्या में बाहर निकले हुए थे।

अमेरिका ने पुल को क्यों बनाया निशाना?
एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर तेहरान जल्द ही समझौता नहीं करता है, तो उसके खिलाफ भीषण हमले किए जाएंगे। इन हमलों में उसके ऊर्जा ठिकानों और पानी के संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा। वहीं, बी1 पुल पर हुए हमले को इसकी बानगी माना जा रहा है।

दरअसल, इस पुल पर हमले से तेहरान का अपने पड़ोसी शहर करज से पूरी तरह संपर्क टूट गया है। माना जा रहा है कि अमेरिका ईरान को दिखाना चाहता है कि वह उसके किसी भी ढांचे को कभी भी निशाना बना सकता है।

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने दी चेतावनी
इन हमलों के बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि अमेरिकी और इस्राइली हमलावरों के खिलाफ ईरान अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करके अपना बचाव करने की कमस खाई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब तेहरान द्वारा इसे अकारण आक्रामकता का युद्ध बताए हुए एक महीने से अधिक समय हो गया है।
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अजरबैजान के राष्ट्रपति से पेजेशकियन की बातचीत
ईरानी राष्ट्रपति ने गुरुवार को अपने अजरबैजानी समकक्ष इल्हाम अलीयेव के साथ एक टेलीफोन बातचीत के दौरान ये टिप्पणियां कीं। बातचीत के दौरान पेजेशकियन ने कहा कि वॉशिंगटन द्वारा हमलों और बमबारी शुरू करने के समय तेहरान अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत कर रहा था।

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