अमेरिका में कैलिफोर्निया में एफबीआई ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने झूठे होस्पिस केंद्र चलाकर मेडिकेयर से 50 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी की। आरोपियों में नर्स, डॉक्टर, साइकोलॉजिस्ट और कायरोप्रैक्टर शामिल हैं। उन्होंने टर्मिनल बीमारी नहीं वाले मरीजों को दाखिल कर बिल बनाया।
अमेरिका में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी के तहत कैलिफोर्निया में एफबीआई ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने झूठे होस्पिस केयर केंद्र चलाकर मेडिकेयर से करीब 50 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी की। आरोपियों में नर्स, डॉक्टर, साइकोलॉजिस्ट और कायरोप्रैक्टर शामिल हैं। जांच में पता चला कि मरीजों को वास्तविक टर्मिनल बीमारी के बिना दाखिल कर बिल बनाया गया, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली और टैक्सदाताओं को भारी नुकसान हुआ।
मुख्य आरोपियों में कौन-कौन है-
ग्लैडविन और एमेलौ गिल- 626 होस्पिस के मालिक, जिन पर 5.2 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी करने और गैरकानूनी किकबैक देने का आरोप।
लोलीता बेरोनिला मिनर्ड- टोपांगा होस्पिस की मालिक, जिन पर 9 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप।
सोनिया ग्रिफेन- हेल्थकेयर फ्रॉड में पांच मामलों में आरोपित।
ग्रेगरी कार्टमेल- कायरोप्रैक्टर, हेल्थकेयर फ्रॉड और आईडेंटिटी चोरी के आरोप में गिरफ्तार।
इवान वर्न लॉरिट्जन- वैली पैसिफिक होस्पिस के सीईओ और सीएफओ, जिनकी मेडिकेयर एनरोलमेंट 2024 में रद्द हो चुकी थी।
नीता अल्मुएटे पड्डिट पाल्मा और पति अदोल्फो कैटबैगन- तीन झूठे होस्पिस केंद्र चलाने और वायर फ्रॉड करने के आरोप।