पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच छिड़ी जंग को एक महीने से ज्यादा हो गया है। इस बीच दोनों ही पक्षों की ओर से वार-पलटवार के रूप में भीषण हमलों का दौर जारी है। इस बीच आईआरजीसी ने एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है। हालांकि, अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने केशम द्वीप के ऊपर एक 'दुश्मन' लड़ाकू विमान को गिराने का दावा किया। ईरान के इस कथित दावे को अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने खारिज कर दिया है। सेंट्रल कमांड ने इन आरोपों को "झूठा" बताया है।
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अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने एक्स पर जारी एक बयान में होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई इस घटना के बारे में ईरानी दावों को खारिज किया है। सेंट्रल कमांड ने साफ किया कि सभी अमेरिकी लड़ाकू विमान सुरक्षित हैं। सेंट्रल कमांड ने तेहरान से लगातार आने वाली ऐसी रिपोर्टों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरान के आईआरजीसी ने कम से कम आधा दर्जन बार यही झूठा दावा किया है।
ईरान ने किया क्या दावा?
अमेरिकी सेना की ओर से यह खंडन आईआरजीसी द्वारा किए गए उन दावों के बाद आया, जिसमें ईरानी अधिकारियों ने कहा था कि अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाए जाने के बाद वह हेंगाम द्वीप और केशम द्वीप के बीच खाड़ी में गिर दिया गया। अल जजीरा ने शुक्रवार को ईरानी राज्य मीडिया आउटलेट्स का हवाला देते हुए यह रिपोर्ट दी थी।
ईरान का रुख नहीं बदल पाएंगे हमले :अराघची
इन सैन्य दावों के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि अमेरिका द्वारा गैर-सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने वाली हालिया कार्रवाईयां इस्लामी गणराज्य के रणनीतिक रुख को नहीं बदल पाएंगी। विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि जरूरी सार्वजनिक कार्यों को निशाना बनाने से इच्छित राजनयिक या सैन्य दबाव नहीं बनेगा।
उन्होंने कहा, ''अधूरे पुलों सहित नागरिक संरचनाओं पर हमला करने से ईरानी आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर नहीं होंगे।'' अराघची ने आगे तर्क दिया कि इन हमलों की प्रकृति विरोधियों की ताकत के बजाय उनकी आंतरिक स्थिति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य बिखरे हुए दुश्मन की हार और नैतिक पतन को दर्शाते हैं।