ईरान ने ओमान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य जहाजों को सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं देना बताया गया है। हालांकि, ईरान पर जहाजों पर हमले और भारी वसूली के आरोप लगते रहे हैं। ओमान ने अभी इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ईरान ने गुरुवार को एक बड़ा दावा किया है। ईरान के राजनयिक काजेम गरीबाबादी ने बताया कि उनका देश ओमान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' ने इस खबर की जानकारी दी है।
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गरीबाबादी के अनुसार, इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य जहाजों के आने-जाने के रास्ते को आसान और सुरक्षित बनाना है। इसके साथ ही, इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को बेहतर सेवाएं देना भी इस योजना का हिस्सा है। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी का एक बहुत ही संकरा और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण रास्ता है।
पिछले कुछ समय में इस समुद्री क्षेत्र में जहाजों पर कई हमले हुए हैं। इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने की बात कही जाती रही है। इसके अलावा ईरान पर आरोप भी लगे है कि ईरान इस संकरे रास्ते से गुजरने के बदले जहाजों से 20 लाख डॉलर तक की मांग करता है। जिसकी वजह से इस समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में काफी मुश्किलें पैदा हो गई हैं।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि ईरान के इस नए प्रस्ताव का असल में क्या मतलब होगा। ओमान ने अभी तक इस दावे को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की है और न ही इसकी पुष्टि की है। भौगोलिक रूप से यह समुद्री रास्ता ईरान और ओमान की सीमाओं के भीतर आता है। इसके बावजूद इसे एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, यहां से जहाजों को बिना किसी रुकावट के गुजरने की आजादी मिलनी चाहिए।
ईरानी राजनयिक गरीबाबादी ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब भी कोई आक्रामक कार्रवाई होती है, तो जहाजों के रास्ते में गंभीर समस्याएं आती हैं। उन्होंने आगे कहा, हम इस समय युद्ध की स्थिति में हैं। ऐसे में हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि शांति के समय वाले नियम युद्ध की स्थितियों में भी लागू होंगे।