पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनियां मिल रही हैं, तो दूसरी ओर ईरान खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बना रहा है। इस बीच, ईरान ने सोमवार को कहा कि उसने मध्यस्थों की ओर पेश किए गए प्रस्तावों अपना जवाब तैयार कर लिया है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका व इस्राइल हमले तेज करते रहेंगे, वह सीधी वार्ता में शामिल नहीं होगा।
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ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा, अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव अत्यधिक मांगों वाला है। हमने अपनी मांगों का एक अलग सेट तैयार कर लिया है और उसे औपचारिक रूप दे दिया है। इस संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि इस्फहान में पायलट बचाव अभियान केवल एक छल-कपट था, जिसका मकसद ईरान के संवर्धित यूरेनियम को जब्त करना था। यह युद्धविराम विरोधी पक्ष को फिर से संगठित होने और अपनी कार्रवाई जारी रखने का मौका दे सकता है। मंत्रालय ने कहा, ओमान के साथ बातचीत का फोकस होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए एक प्रोटोकॉल बनाने पर है।
तेहरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि जरूरत पड़ने पर तेहरान ‘अपनी पूरी ताक़त’ से अपने देश की रक्षा करेगा। उन्होंने अमेरिका और इस्राइल पर आरोप लगाया कि उनकी ‘कोई रेड लाइन नहीं है’ और वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करते हैं। बगाई ने मध्यस्थों के जरिए भेजे गए अमेरिका के कथित 15-सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव को तर्कहीन करार दिया। उन्होंने कहा धमकियों के साथ बातचीत नहीं हो सकती है। साथ ही किसी भी समझौते को स्वीकार तभी किया जाएगा जब वे ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में होंगे
ईरान का अस्थायी युद्धविराम के बदले होर्मुज खोलने से किया इनकार
ईरान ने कहा है कि वह अस्थायी युद्ध के बदले होर्मुज स्ट्रेट खोलने को मना कर दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रस्ताव की समीक्षा चल रही है, लेकिन दबाव में फैसला नहीं लिया जाएगा।अधिकारी के मुताबिक, तेहरान अस्थायी युद्धविराम के बदले कोई रियायत नहीं देगा और होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलेगा। उन्होंने कहा कि ईरान को लगता है कि अमेरिका स्थायी युद्धविराम के लिए तैयार नहीं है, इसलिए अस्थायी डील का कोई मतलब नहीं है। अधिकारी ने पुष्टि की कि पाकिस्तान की ओर से तत्काल युद्धविराम का प्रस्ताव मिला है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
ईरान के दक्षिण में असलूयेह नैचुरल गैस फील्ड पर हमला
अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी और न्यायपालिका की मिजान न्यूज एजेंसी ने बताया कि अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के दक्षिण बुशेहर प्रांत के असलूयेह नैचुरल गैस फील्ड में मौजूद सुविधाओं को निशाना बनाकर हमले किया।
साउथ पार्स पर इस्राइल के पहले के एक हमले के बाद, ईरान ने भी खाड़ी के अरब देशों में तेल और नैचुरल गैस से जुड़ी जगहों को ज्यादा निशाना बनाना शुरू कर दिया था।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर इस हफ्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला गया, तो बिजली संयंत्रों और पुलों पर संभावित हमले किए जा सकते हैं।
ईरान के नैचुरल गैस फील्ड पर हमले के आरोप के बाद इस्राइल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि असलूयेह में स्थित साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमला किया है।
काट्ज ने कहा कि इस्राइल ने अभी-अभी ईरान की सबसे बड़ी पेट्रोकेमिकल सुविधा पर एक जोरदार हमला किया है, यह सुविधा असलूयेह में स्थित है और देश के लगभग 50 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल उत्पादन के लिए ज़िम्मेदार एक मुख्य लक्ष्य है।