रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गल्फ में तेल रिफाइनरी पर हमलों को लेकर अरब नेताओं की चिंताओं से ईरान को अवगत कराएंगे; क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि की है। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मीडिया से बातचीत में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुतिन ने सोमवार को चार खाड़ी देशों के नेताओं को फोन कॉल किए, और इस इलाके में तनाव कम करने के लिए तेहरान के साथ मास्को के संबंधों का इस्तेमाल करने की पेशकश की। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ उनकी स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप है।
पेसकोव ने पत्रकारों को बताया, 'पुतिन निश्चित रूप से तनाव को कम करने में थोड़ी मदद करने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कल (सोमवार) बातचीत में पुतिन ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों को लेकर गल्फ देश के वार्ताकारों से गंभीर चिंता व्यक्त की। उनसे बात कर वस्तुस्थिति को समझा ताकि ईरानी लीडरशिप के साथ हमारी बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ सके।
गौरतलब है कि अमेरिका और इस्राइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया था। तेहरान समेत ईरान के बड़े शहरों पर हमला किया गया। व्हाइट हाउस ने ईरान से कथित मिसाइल और न्यूक्लियर खतरों का हवाला देकर हमले को सही ठहराया। उसी समय, अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुले तौर पर ईरानी जनता से अपनी सरकार के खिलाफ उठ खड़े होने और सत्ता पर कब्जा करने की अपील की थी।
जब से यूएस और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ अभियान शुरू किया है, तब से पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात नहीं की है, और पेसकोव का कहना है कि इस समय ऐसी बातचीत की कोई योजना भी नहीं है।
यूएस-इस्राइल की इस संयुक्त कार्रवाई में, ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई और इस्लामिक रिपब्लिक के कई बड़े नेता मारे गए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया, जिसमें इस्राइल की कई जगहों को निशाना बनाया गया। बहरीन, जॉर्डन, कतर, कुवैत, यूएई और सऊदी अरब में यूएस मिलिट्री बेस पर भी हमला हुआ।
--आईएएनएस इनपुट्स