फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: खर्ग द्वीप पर कब्जा या घेराबंदी की तैयारी?, होर्मुज खोलने के लिए ईरान पर दबाव बनाने का प्लान बना रहे ट्रंप

Fri, 20 Mar 2026 05:31 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।

सार

US: अमेरिका ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा करने या उसे घेरने पर विचार कर रहा है, ताकि उसे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए मजबूर किया जा सके। यह द्वीप ईरान के 90 फीसदी तेल निर्यात का केंद्र है। विशेषज्ञों ने क्या राय दी, पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, खर्ग द्वीप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका का डोनाल्ड ट्रंप प्रसासन अब ईरान पर दबाव बनाने के लिए खर्ग द्वीप पर कब्जा करने या उसे घेरने के प्लान पर विचार कर रहा है, ताकि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर मजबूर हो जाए। एक्सिओस ने चार सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। 
विज्ञापन


इस कदम पर विचार इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण खत्म करना चाहता है। इस अहम जलमार्ग में बाधा आने से दुनियाभर में उर्जा की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। खर्ग द्वीप तट से लगभग 15 मील दूर स्थित है और ईरान के लगभग 90 फीसदी कच्चे तेल के निर्यात को संसाधित करता है, जिससे यह वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला में एक अहम केंद्र है।

हालांकि, अधिकारियों ने माना कि इस प्लान के जोखिम है। उन्होंने कहा कि द्वीप पर कब्जा करने का कोई भी अभियान संभवत: पहले अमेरिकी हवाई और नौसैनिक हमलों के बाद किया जाएगा, जो होर्मुज के आसपास ईरान की सैन्य मौजूदगी को कमजोर करने के लिए होंगे। इसके लिए अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की भी जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि नौसेना की कई इकाइयां पहले ही क्षेत्र में जा रही हैं और अधिक भेजने पर विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन


एक्सिओस ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया, वह चाहते हैं कि होर्मुज खुला रहे। अगर इसे सुनिश्चित करने के लिए खर्ग द्वीप पर कब्जा करना पड़ा, तो वह किया जाएगा। अगर उन्हें तट से हमला करना पड़ा, तो वह भी होगा। लेकिन अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।



'एक महीने तक हवाई हमले करने की जरूरत होगी'
रिपोर्ट में एक व्हाइट हाउस सूत्र के हवाले से कहा गया, हमें ईरान को और कमजोर करने के लिए लगभग एक महीने हवाई हमलों की जरूरत होगी, फिर द्वीप पर कब्जा किया जाएगा और उसे वार्ता के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। अगर इस प्लान को मंजूरी मिलती है तो और अधिक सैनिकों की जरूरत होगी। नौसेना की तीन अलग-अलग इकाइयां पहले ही क्षेत्र में जा रही हैं। व्हाइट हाउस और पेंटागन जल्द और अधिक सैनिक भेजने पर विचार कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें: इस्राइली हमले में IRGC प्रवक्ता और खुफिया मंत्री की मौत, तेहरान में हड़कंप

स्थिति से निपटने के लिए ट्रंप के पास सैकड़ों प्लान: टॉम कॉटन
असेंबली इंटेलिजेंस कमिटी के अध्यक्ष सीनेटर टॉम कॉटन ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप ने सावधानी बरती है और जमीनी हमला करने से इनकार नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह इस कदम का समर्थन करते हैं या नहीं। कॉटन ने कहा कि ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का निर्णय उसकी हताशा को दर्शाता है और ट्रंप के पास इस स्थिति से निपटने के लिए 'सैकड़ों प्लान' मौजूद हैं।
विज्ञापन


सीमित रणनीतिक लाभ होगा: सेवानिवृत्त रियर एडमिरल मोंटगोमेरी
हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खर्ग द्वीप पर कब्जा करना जरूरी परिणाम नहीं दे सकता। यह द्वीप भले ही ईरान के तेल निर्यात का केंद्र है। लेकिन इस पर कब्जा करना यह सुनिश्चित नहीं करेगा कि तेहरान अमेरिकी शर्तों पर वार्ता करने के लिए मजबूर होगा। सेवानिवृत्त रियर एडमिरल मार्क मोंटगोमेरी ने कहा कि इस तरह के अभियान में अमेरिकी सैनिकों को गंभीर जोखिम हो सकता है, जबकि रणनीतिक लाभ सीमित होगा। उन्होंने कहा, अगर हम खर्ग द्वीप पर कब्जा कर लेते हैं, तो वे दूसरी ओर तेल की आपूर्ति बंद कर देंगे। यह ऐसा नहीं है कि हम उनके तेल उत्पादन को नियंत्रित कर रहे हैं। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें