इस्राइल की ओर से किए गए हमलों में इस वर्ष लेबनान में मारे गए पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की संख्या पांच हो गई है। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स ने कहा है कि फ्रीलांस फोटो पत्रकार हुसैन हमूद, जो अल-मनार टीवी के साथ सहयोग करते थे, बुधवार को दक्षिणी शहर नबातिह में मारे गए थे।
दक्षिणी लेबनान में शनिवार को हुए एक इस्राइली हवाई हमले में युद्ध की खबरों की रिपोर्टिंग कर रहे तीन पत्रकारों की मौत हो गई। उनके टीवी स्टेशनों ने इस घटना की पुष्टि की है, जिससे क्षेत्र में इस्राइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
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हिजबुल्ला के अल-मनार टीवी के लंबे समय से संवाददाता रहे अली शोएब को दक्षिणी लेबनान में शनिवार को हमलों में मौत हो गई। इस्राइली सेना ने दावा किया है कि शोएब को निशाना बनाया गया था। इस्राइल ने अली शोएब पर हिजबुल्ला के खुफिया संचालक होने का आरोप लगाया। हालांकि, इसके कोई सबूत पेश नहीं किए।
तीन पत्रकारों की मौत
वहीं, बेरूत स्थित पैन-अरब अल-मायादीन टीवी ने बताया कि इसी हवाई हमले में पत्रकार फातिमा फातुनी की भी मौत हो गई। वह अपने वीडियो पत्रकार और भाई मोहम्मद के साथ दक्षिणी क्षेत्र जेजीन में थीं। हमले से ठीक पहले फातिमा दक्षिणी लेबनान से लाइव रिपोर्टिंग कर रही थीं।
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लेबनान ने की हमले की कड़ी निंदा
लेबनान के शीर्ष अधिकारियों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसे एक घृणित अपराध बताया, जो पत्रकारों की रक्षा करने वाले सभी कानूनों और समझौतों का उल्लंघन करता है। अल-मनार ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस्राइली हवाई हमले में पत्रकारों को निशाना बनाया गया। अली शोएब एक प्रसिद्ध लेबनानी युद्ध संवाददाता थे और लगभग तीन दशकों तक अल-मनार के लिए दक्षिण लेबनान से रिपोर्टिंग करते थे।
इस्राइल ने किया क्या दावा?
इस्राइली सेना ने दावा किया कि शोएब दक्षिणी लेबनान में काम करने वाले (इस्राइली) सैनिकों के ठिकानों को उजागर करने के लिए व्यवस्थित रूप से काम कर रहा था। सेना ने उस पर हिजबुल्ला के आतंकवादियों के संपर्क में रहने और इस्राइली सैनिकों और नागरिकों के खिलाफ उकसाने का भी आरोप लगाया। इन आरोपों पर अल-मनार टीवी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन अपने संवाददाता को घटनाओं की पेशेवर और विश्वसनीय रिपोर्टिंग के लिए सराहा।