पश्चिम एशिया में ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसी बीच रूस ने चिंता जताई है कि अंतरराष्ट्रीय कानून केवल कागजों में बचा है, असल में अब काम नहीं कर रहा। ऐसे में संघर्ष को रोकने और इसपर गहन चर्चा के लिए रूस ने पी-5 देशों के शिखर सम्मेलन कराने की बात पर भी जोर दिया।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब रूस का भी बयान सामने आया है। बढ़ते संघर्ष और हमलों पर मॉस्को ने चिंता जताते हुए कहा कि इस संघर्ष के बाद ऐसा लग रहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून अब वास्तव में मौजूद नहीं है।
पुतिन के प्रस्ताव को दोहराने पर जोर
इसके साथ ही अपने बयान में पेस्कोव ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस प्रस्ताव को दोहराने की जरूरत बताई, जिसमें उन्होंने COVID-19 से पहले पी-5 देशों रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के शिखर सम्मेलन की मांग की थी ताकि वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता पर चर्चा की जा सके।
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अमेरिका को अपनी योजना बतानी चाहिए- लावरोव
दूसरी ओर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि अमेरिका को अपने व्यापक योजनाओं की स्पष्टता देनी चाहिए और बताना चाहिए कि ये योजनाएं पहले से मौजूद अंतरराष्ट्रीय नियमों से कैसे जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि हम यह जानना चाहते हैं कि हम किस दुनिया में रह रहे हैं और अमेरिका की योजनाएं इससे कैसे मेल खाती हैं।