दुनियाभर में इन दिनों कड़ाके की ठंड, सर्द तूफान और बाढ़-बारिश का कहर है। रूस के साइबेरिया में बर्फीले तूफान के चलते हालात विकट हैं। यहां तापमान शून्य से 10 डिग्री सेंटीग्रेड नीचे जा चुका है और आगे और नीचे जाना है। अमेरिका के तटवर्तीय प्रांतों में हाल में आए तूफान ने सारी जगह तबाही मचाई हुई है और यूरोप में भी सर्दी के मौसम में तेज हवाओं ने कहर ढाया हुआ है।
इस बीच, ऑस्ट्रेलिया के दो राज्यों में खराब मौसम के कारण 10 लोगों की मौत हो गई है जबकि दक्षिण अफ्रीका में बाढ़-बारिश में छह लोगों की मौत हो गई है। यहां कई लोग अब भी लापता हैं, जिनके बचने की संभावना बहुत कम है। कांगो में बाढ़ की चपेट में आने से 22 मौतें हुई हैं। चीन में भी कड़ाके की सर्दी है। बीजिंग में 1951 के बाद सबसे लंबी शीतलहर दर्ज की गई है।
1951 के बाद सबसे लंबी शीतलहर
चीनी राजधानी बीजिंग में 1951 के बाद सबसे लंबी शीतलहर दर्ज की गई। बीजिंग के नानजियाओ मौसम केंद्र में रविवार को तापमान शून्य डिग्री तापमान दर्ज किया गया। तापमान 300 घंटों में इस रेखा से नीचे ही रहा। इस महीने चीन के कई हिस्सों में शीतलहर जारी रही। इस शीतलहर से देश का केंद्रीय प्रांत हेनान बुरी तरह प्रभावित रहा।
ऑस्ट्रेलिया में तूफान से 10 की मौत
ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी राज्यों क्वींसलैंड और विक्टोरिया में खराब मौसम के चलते 10 लोगों की मौत हो गई है। द. क्वींसलैंड तट के पास मोरेटन खाड़ी में खराब मौसम से नाव के पलटी, जिसमें 3 की मौत हो गई। इस नाव पर 11 लोग सवार थे। क्वींसलैंड पुलिस आयुक्त कैटरीना कैरोल ने इन त्रासदियों के लिए ‘असाधारण रूप से खराब मौसम’ को जिम्मेदार ठहराया। सबसे ज्यादा हादसे यहीं हुए हैं।
कांगो में भारी बारिश-बाढ़ 40 से अधिक मौतें
अफ्रीकी देश कांगो में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई। ‘कासाई सेंन्ट्रल’ प्रांत के गवर्नर जॉन काबेया ने बताया कि कानन्गा जिले में घंटों तक हुई बारिश ने कई घरों और निर्माणस्थलों को तबाह कर दिया।