Indian Leadership And Vasudhaiva Kutumbakam: वैश्विक मंच पर संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी की तरफ से भारत की जमकर तारीफ की गई है।संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर, शॉम्बी शार्प ने कहा है कि भारत आज दुनिया में भू-राजनीति, विकास और शांति स्थापना में अहम भूमिका निभा रहा है।
भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर, शॉम्बी शार्प ने भारत की वैश्विक मंच पर बढ़ती ताकत की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में भू-राजनीति, विकास और शांति स्थापना में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने 'वसुधैव कुटुंबकम' यानी दुनिया एक परिवार है की भारतीय सोच को आज की वैश्विक चुनौतियों का हल बताया। उन्होंने कहा, 'भारत अब वैश्विक स्तर पर बेहद अहम भूमिका निभा रहा है। हमें भारत जैसे नेतृत्व और वसुधैव कुटुंबकम की भावना की जरूरत है।'
गरीबी उन्मूलन से लेकर चांद तक की उड़ान
शॉम्बी शार्प ने भारत की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश एक ओर चांद पर पहुंच रहा है और दूसरी ओर करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए नए रास्ते खोज रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के ये अनुभव खासकर ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों के लिए बेहद उपयोगी हैं।
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भारत नवाचार में भी अग्रणी- शॉम्बी शार्प
उन्होंने बताया कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा, 'भारत नवीकरणीय ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में अद्भुत गति से निवेश और नवाचार कर रहा है। यह दुनिया के लिए एक बड़ा उदाहरण है।'
आतंकवाद और शांति स्थापना में भारत की अहम भूमिका
शॉम्बी शार्प ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और संयुक्त राष्ट्र के मजबूत सहयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, 'भारत और संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवाद विरोधी उपायों पर मिलकर नजदीकी से काम किया है।' भारत की शांति स्थापना में भूमिका पर उन्होंने पीएम मोदी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने भारत को शांति का पक्षधर बताया था। उन्होंने कहा कि भारत शुरू से ही यूएन शांति सेना में सबसे ज्यादा सैनिक और नागरिक कर्मी भेजने वाला देश है।
शांति और विकास एक-दूसरे से जुड़े- एस. जयशंकर
इस दौरान शॉम्बी शार्प ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के जी-20 बैठक में दिए गए भाषण की सराहना की। जयशंकर ने कहा था कि शांति और विकास एक-दूसरे से जुड़े हैं, 'न शांति के बिना विकास संभव है और न विकास के बिना शांति।' शॉम्बी शार्प ने इसे बेहद संतुलित सोच बताते हुए कहा कि जयशंकर ने दुनिया में मौजूद दोहरे मापदंडों को भी उजागर किया।
उन्होंने बताया कि ग्लोबल साउथ के देश आज यूक्रेन, फलस्तीन और सूडान जैसे संघर्षों का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगत रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जयशंकर ने जलवायु न्याय और एक समान दृष्टिकोण की मांग की। ये बहुत संतुलित और दूरदर्शी विचार हैं।'