अमेरिका द्वारा पाक, चीन व सऊदी अरब समेत सात देशों को धार्मिक आजादी के उल्लंघन करने वाले देशों के रूप में चिंहित कर उन्हें काली सूची में डालने के बाद पाक बौखला गया है। बुधवार को पाक ने अमेरिका की इस कार्रवाई का जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका का फैसला ‘एकतरफा और राजनीतिक रूप से प्रेरित’ है। पाक विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के फैसले अमेरिकी पूर्वाग्रह से प्रेरित हैं।
अमेरिका ने पाकिस्तान, चीन, सऊदी अरब, म्यामांर, इरित्रिया, ईरान, उत्तर कोरिया, सूडान, तजाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को अमेरिकी संसद ‘कांग्रेस’ की वार्षिक रिपोर्ट के तहत धार्मिक अल्पसंख्यक नागरिकों और मानवाधिकारों की रक्षा करने में लगातार और क्रमबद्ध विफलताओं के लिए जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी संसद ने इन सभी देशों को ‘कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कन्सर्न’ (सीपीसी) का दर्जा दिया था।
अमेरिकी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘पाकिस्तान, अमेरिका की एकतरफा और राजनीतिक रूप से प्रेरित उसकी वार्षिक धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में जारी की गई सूची को नकारता है।’ पाक यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाईयों से अमेरिकी पूर्वाग्रह स्पष्ट होते हैं। पाक विदेश मंत्रालय ने इस काली सूची की प्रमाणिकता और निष्पक्षता के साथ-साथ अमेरिका की स्वयंभू ज्यूरी पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। इससे पहले अमेरिका ने जनवरी में पाकिस्तान को विशेष निगरानी की सूची में डाला था।